फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mig-21 fighter jet is better than F-16 plane in various aspects, know the difference

एफ 16 पर भारी पड़ा मिग 21, विशेषज्ञों को भी किया हैरान, किसमें कितना दम?

Thu, 07 Mar 2019 03:39 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Thu, 07 Mar 2019 03:39 PM IST
विज्ञापन
Mig-21 fighter jet is better than F-16 plane in various aspects, know the difference
मिग-21 और एफ-16 विमान - फोटो : Amarujala

भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्तमान ने 27 फरवरी को पाकिस्तानी लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराया था। इसके बाद से ही चर्चा है कि आखिर मिग 21 ने एफ 16 जैसे अत्याधुनिक और ताकतवर विमान को कैसे मार गिराया। क्या ये पायलट अभिनंदन का कौशल था या मिग 21 ही एफ 16 से ज्यादा ताकतवर है? इसे समझने के लिए हमें दोनों विमानों की खूबियों पर नजर डालनी होगी। 

विज्ञापन


अमेरिका निर्मित पाकिस्तान का एफ 16 लड़ाकू विमान भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के मकसद से 27 फरवरी को एलओसी पर भारतीय सीमा में घुसा था। इसी दौरान मिग 21 ने एफ 16 को मार गिराया था। इस घटना के बाद से ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या 1960 के दशक का मिग-21 आधुनिक एफ-16 को मार सकता है?  
विज्ञापन


हालांकि यह बात और है कि पाकिस्तान इस बात से साफ इनकार कर रहा है कि उसने हमले में एफ-16 का इस्तेमाल किया। अभिनंदन वर्तमान ने पाकिस्तानी विमान पर आर-73 मिसाइल दागी थी। शॉर्ट रेंज वाली यह मिसाइल हेल्मेट माउंटेड साइट (एचएमएस) से नियंत्रित की जा सकती है। यह मिसाइल पायलट को दाएं और बाएं तरफ देखने की इजजात देती है। जिसके बाद वह अपने लक्ष्य पर निशाना साधता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वियतनाम में दिखी थी मिग 21 की ताकत 

एक दौर में मिग विमान अमेरिका के एफ 16 विमान पर भारी पड़ते थे। उदाहरण के तौर पर वियतनाम को देखें। वियतनाम युद्ध में अमेरिका ने ए 104 स्टारफाइटर और एडवांस थर्ड जेनरेशन एफ 4 फैंटम का इस्तेमाल किया था। खास तौर पर फैंटम डबल इंजन वाला शक्तिशाली विमान था जो भारी मात्रा में हथियार ढो सकता था। उस दौर में ये परमाणु हथियार भी ले जा सकता था। 


वियतनाम युद्ध में वियतनामी मिग 21 पायलटों ने कुल 37 फैंटम- एप 4 बी, एफ 4 सी, एफ 4 डी, एफ 4 ई और एफ 4 जे विमान मार गिराए थे। मिग 21 में यूएसएसआर निर्मित एए-2 एटोल मिसाइल, जिसे उसने चीन से 1958 में हासिल किया था का इस्तेमाल हुआ था। इसके अलावा मिग 21 में 23 एमएम कैनन भी लगे हुए थे जिसने दुश्मन को जवाब देने में बड़ी भूमिका निभाई।  

यूएसएसआर से 1962 की शुरुआत में मिग खरीदे

दरअसल, मिग 21 यूएसएसआर के मिग 29 का ही अपग्रेड वर्जन है। 2006 में रूसी उद्योग द्वारा भारत के मिग-21 बाइसन के लिए एकीकृत की गई थी। भारतीय मिग-21 में कई अपग्रेड किए गए हैं जिसमें कॉकपिट डिस्प्ले से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, बेहतरीन इंजन से लेकर विमान की कोटिंग तक शामिल है। जिससे रडार सिग्नेचर को कम किया जा सकता है।

मिग का अपग्रेड विमान अपने पुराने वर्जन से कहीं ज्यादा सक्षम है। यह रूस द्वारा बनाए गए आखिरी मिग से भी कहीं बेहतर है। भारत ने पहली बार यूएसएसआर से 1962 की शुरुआत में मिग विमान खरीदे थे। 1967 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने इसकी लाइसेंस कॉपियां बनानी शुरू कर दी थीं जिसमें मिग-21एफएल, मिग-21एम और मिग-21 बाइसन शामिल है।

इसके बाद एचएएल ने 657 विमानों का निर्माण किया। जिसमें से 255 बीआईएस मॉडल के थे। इनमें से 110 विमानों को 2006 में बाइसन लेवल तक अपग्रेड किया गया। बाइसन को ही जम्मू कश्मीर भेजा गया था। इसी बाइसन को विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान उड़ा रहे थे और उन्होंने इससे अमेरिकी विमान एफ-16 को मार गिराया था।

 

दोनों हैं बराबर

भारत के नजरिए से देखा जाए तो मिग-21 और पाकिस्तान का एफ-16 जिसमें कि बाइसन का अपग्रेडेड वर्जन शामिल है, दोनों लगभग बराबर ताकत के हैं। हालांकि एफ-16 ज्यादा दांव-पेंच दिखा सकता है और उसका कॉम्बैट रेंज भी ज्यादा है जबकि मिग एक शॉर्ट लेग्ड विमान है। दोनों में सबसे बड़ा अतंर यह है कि भारतीय विमान जहां शॉर्ट रेंज की आर-73 और आर-77 मिसाइल लेकर जा सकता है वहीं एफ-16 अपने सभी अपडेटेड वर्जन में केवल एआईएम-9 और एमराम एआईएम-120 मिसाइल ले जा सकता है। 

एमराम की रेंज 30-40 नॉटिकल माइल्स (55-75 किलोमीटर) की है। पाकिस्तान ने भारत पर एक एमराम दागी थी जिसके टुकड़े भारतीय क्षेत्र में गिरे हुए दिखे थे। वहीं भारत ने पाकिस्तान के विमान पर आर-77 मिसाइल दागी थी जबकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रभावी नहीं है और रूस ने भी इसे केवल एक बार अपग्रेड किया है। कुछ रिपोर्ट्स से यह बात सामने आई है कि जिस एफ-16 को मारा गया था वह दो सीटों वाला बी मॉडल था क्योंकि विमान के हिट होने के बाद उसमें से दो पैराशूट निकले थे। 

एफ-16 का बी मॉडल ए के मुकाबले कम सक्षम और कम आधुनिकीकरण वाला विमान है। अपग्रेडेड मिग और एफ-16 में पल्स डॉपलर रडार है। एफ-16 के मुकाबले मिग-21 को उड़ाना काफी मुश्किल है। इसमें पायलट को अपना ध्यान ज्यादा केंद्रित करना पड़ता है क्योंकि फ्लाइट कंट्रोल मैकेनिकल होता है और वह स्टील केबल से जुड़ा होता है। वहीं एफ-16 ज्यादा आधुनिक है और इसे फ्लैप्स, एलेरॉन्स, स्टैबिलाइजर के जरिए इलेक्ट्रॉनिकली नियंत्रित किया जाता है।

वैसे यह पहली बार नहीं है जब भारत ने किसी अमेरिकी विमान को पीछे किया हो। इससे पहले भी भारतीय मिग ने अमेरिकी एफ-15 सी को एक प्रतियोगिता में हराया था। जिसने अमेरिकी विमान के प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए थे। भारतीय विशेषज्ञों और कुछ अमेरिकी पायलटों ने अपने निष्कर्ष में इस बात को माना है कि भारतीय पायलटों ने कुछ ऐसी उत्कृष्ट रणनीति विकसित की है जिससे कि वह इलेक्ट्रॉनिक रूप से लड़ाकू विमानों का संचालन कर लेते हैं। जबकि दूसरी ओर अमेरिकी विमानों के बीच स्वत: सामंजस्य बैठाने के लिए स्पलेंडिड रडार और विशेष उड़ान कंप्यूटरों का इस्तेमाल करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed