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MHA: 24 सितंबर की लेह हिंसा की जांच करेंगे सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएस चौहान, गृह मंत्रालय ने की घोषणा

Fri, 17 Oct 2025 07:07 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 17 Oct 2025 07:07 PM IST
सार

लेह में 24 सितंबर को भड़की हिंसा की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के रिटार्यड जज बीएस चौहान को नियुक्त किया है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि उस दिन गंभीर कानून और व्यवस्था की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई, पुलिस ने कैसे कार्रवाई की, और उस दौरान चार लोगों की मौत कैसे हुई।

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MHA orders inquiry by retired SC judge B S Chauhan into September 24 violence in Leh
केंद्रीय गृह मंत्रालय - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र सरकार ने 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा की जांच के लिए रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज बी. एस. चौहान को नियुक्त किया है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि उस दिन गंभीर कानून और व्यवस्था की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई, पुलिस ने कैसे कार्रवाई की, और उस दौरान चार लोगों की मौत कैसे हुई। सरकारी बयान के अनुसार, 24 सितंबर को लेह शहर में गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस कार्रवाई हुई और चार लोग मारे गए।
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पुलिस की कार्रवाई समेत पहलुओं की होगी जांच
मंत्रालय ने कहा, 'निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय ने आज न्यायिक जांच की घोषणा की है, जिसे पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज डॉ. बी. एस. चौहान करेंगे। यह जांच उन परिस्थितियों की पड़ताल करेगी, जिनके कारण गंभीर कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा हुई, पुलिस ने क्या कार्रवाई की, और चार व्यक्तियों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई।'
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'सरकार किसी भी समय संवाद के लिए तैयार'
सरकार ने यह भी कहा कि वह किसी भी समय संवाद के लिए तैयार है और आगे भी उच्च स्तरीय समिति या किसी अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से एपेक्स बॉडी लेह (एबीएल) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ बातचीत को स्वागत करती रहेगी। सरकार ने भरोसा जताया कि लगातार बातचीत से जल्दी ही सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे और वह लेह के लोगों की आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्ध है।

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सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी झड़प
जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने लेह के लिए राज्य बनने और छठे अनुसूची के तहत विशेष दर्जा देने की मांग की थी। इस हिंसा में चार लोग मारे गए और लगभग 90 लोग घायल हुए। दो दिन बाद, पुलिस ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया और उन्हें जोधपुर जेल भेज दिया, उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया।
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