Home Ministry: गैर सरकारी NGOs को मिली बड़ी राहत, केंद्र सरकार ने एफसीआरए पंजीकरण की वैधता 30 जून तक बढ़ाई
गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की वैधता को 30 जून तक बढ़ा दिया है। मामले में जारी अधिसूचना में मंत्रालय ने बताया कि यह राहत उन एनजीओ या संस्थाओं को दी जा रही है जिनका एफसीआरए पंजीकरण 1 अप्रैल से 30 जून के बीच खत्म हो रहा है और जिन्होंने इसका नवीनीकरण आवेदन किया है।
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों को लेकर एक अहम फैसला लिया है। मंत्रालय ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत उन गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की वैधता को 30 जून तक बढ़ा दिया है, जिनका नवीनीकरण आवेदन लंबित है और जिनका पांच साल का लाइसेंस 1 अप्रैल से 30 जून के बीच समाप्त हो रहा है।
मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
मामले में गृह मंत्रालय ने जारी अधिसूचना में बताया कि सभी एनजीओ या संस्थाओं को विदेशी धन प्राप्त करने के लिए एफसीआरए के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सरकार ने यह फैसला लिया है कि जिन संस्थाओं का एफसीआरए पंजीकरण प्रमाणपत्र 31 मार्च तक बढ़ाया गया था और जिनका नवीनीकरण आवेदन अभी लंबित है, उनकी वैधता अब 30 जून तक बढ़ाई जाएगी।
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किसे मिल रही है यह राहत, समझिए
बता दें कि यह राहत उन एनजीओ या संस्थाओं को दी जा रही है जिनका एफसीआरए पंजीकरण 1 अप्रैल से 30 जून के बीच खत्म हो रहा है। साथ ही जिन्होंने इसका नवीनीकरण आवेदन किया है या करेंगे। इन संस्थाओं की वैधता अब 30 जून तक बढ़ा दी गई है, ताकि उन्हें विदेशी अंशदान प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो।
अधिसूचना में यह भी कहा गया कि यदि पंजीकरण प्रमाणपत्र का नवीनीकरण आवेदन अस्वीकार कर दिया जाता है, तो उस स्थिति में प्रमाणपत्र की वैधता अस्वीकार करने की तारीख से समाप्त मानी जाएगी और वह संस्था विदेशी अंशदान प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगी।
केंद्र सरकार ने अधिसूचना नें दी सलाह
इसके साथ ही सरकार ने यह सलाह दी है कि सभी एफसीआरए पंजीकृत संगठनों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनका नवीनीकरण आवेदन समय पर सही तरीके से किया जाए, ताकि उनकी वैधता 30 जून तक बनी रहे और उन्हें विदेशी अंशदान प्राप्त करने में कोई दिक्कत न हो। ये भी पढ़ें:- तनाव: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर बयान यूनुस को पड़ेगा भारी, CM सरमा के बाद अब बीरेन सिंह ने भी लगाई फटकार
क्या है एफसीआरए, समझिए
अब बात अगर एफसीआरए की करें तो ये एक कानून है जो भारत में विदेशी अंशदान (विदेशी धन) प्राप्त करने वाले संगठनों या संस्थाओं को नियंत्रित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी धन का इस्तेमाल देश की सुरक्षा, स्वतंत्रता और अखंडता के खिलाफ न हो।