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#MeToo : बड़ों पर गिरी गाज तो खामोश हुए दिग्गज, बॉलीवुड को मीटू खत्म होने का इंतजार

Sun, 14 Oct 2018 04:20 AM IST
रवि बुले, अमर उजाला, मुंबई
रवि बुले, अमर उजाला, मुंबई Updated Sun, 14 Oct 2018 04:20 AM IST
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#MeToo: The elderly people are silent after big name Revealing in metoo

बॉलीवुड में आजकल पार्टियों की चमक कम और मीटू की चर्चा ज्यादा है। बीते दस दिन में कुछ दिग्गजों ने मीटू के समर्थ में जैसी सक्रियता दिखाई उस पर अभिनेत्री अदिति राव हैदरी ने खरा-खरा ट्वीट किया, ‘जो लोग बड़े उत्पीड़न के दोषी हैं वो मीटू मूवमेंट में ज्ञान बांट रहे हैं।’ लेकिन अब जब बड़े कद वालों का नाम उत्पीड़न में आने लगा तो मीटू के समर्थन में खड़े दिग्गज चुप्पी साधने लगे हैं। उधर, कास्टिंग काउच की शिकायतों पर ठंडे रहने वाले निर्माता-निर्देशकों के लिए संगठन यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए कमेटियां बनाने लगे हैं। फिल्म कंपनियां भी यौन उत्पीड़न रोकने के लिए गाइडलाइन्स बना रही हैं।

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इंडस्ट्री में फिलहाल हमाम में सब नंगे जैसी स्थिति है। मीटू को समर्थन देने से ज्यादा अब लोग अपने संबंध बचाने में लगे हैं। निर्देशक सुभाष कपूर के साथ फिल्म मुगल न करने की घोषणा करने वाले आमिर खान और एकता कपूर तब चुप हो गए जब फिल्म के प्रोड्यूसर टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार पर आरोप लगा। प्रोड्यूसर करीम मोरानी पर रेप केस करने वाली दिल्ली की पीड़ित महिला सामने आई तो किसी बॉलीवुड सेलेब्रिटी ने कुछ नहीं कहा। बॉलीवुड के नंबर वन कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने पर बड़े नाम चुप हैं। विकास बहल के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अनुराग कश्यप और उनके साथियों ने जैसे ही अपने गुट के लेखक वरुण ग्रोवर का नाम आया तो चुप्पी साध ली।
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इंडस्ट्री के वर्तमान माहौल में कोई खुल कर बोलने को राजी नहीं है। सितारों के मैनेजर और पीआर इंडस्ट्री के लोग हवा का रुख भांप रहे हैं। सितारों के करीब रहने वाले एक शख्स ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि चुनिंदा चार-पांच बड़े नाम छोड़ दें तो ऐसा कोई दिग्गज नहीं, जो मीटू में नहीं फंस सकता। इस सूत्र के मुताबिक बॉलीवुड में ज्यादातर बड़े लोग चुप रहना चाहते हैं। सबको इंतजार है कि मीटू कब खत्म होगा। इंडस्ट्री के एक पुराने व्यक्ति ने कहा है कि यहां सदा आपसी रजामंदी से काम चलता रहा। लेकिन जब 1990 के दशक में टीवी के प्राइवेट चैनल आए और साल 2000 के बाद बॉलीवुड में कॉरपोरेट कंपनियां आईं तो महिलाओं का शोषण बढ़ गया।

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