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मौसम विज्ञान विभाग: दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में मानसून कराएगा एक सप्ताह और इंतजार
Wed, 23 Jun 2021 09:31 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 23 Jun 2021 09:31 AM IST
सार
- आईएमडी ने बताया, दक्षिण पश्चिम मानसून अब तक राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में दस्तक दे चुका है। लेकिन अगले सात दिनों में देश के बाकी बचे हुए हिस्सों में मानसून की प्रगति की संभावना नहीं दिख रही हैं।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान में अगले सात दिनों के दौरान दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
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आईएमडी ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया, दक्षिण पश्चिम मानसून अब तक राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में दस्तक दे चुका है।
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इस साल मानसून की मुख्य विशेषता पूर्वी, मध्य और आसपास के उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से पहले (7-10 दिनों तक) इसकी प्रगति है। हालांकि, अगले सात दिनों के दौरान देश के बाकी बचे हुए हिस्सों में मानसून की प्रगति की संभावना नहीं दिख रही हैं।
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आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया, दिल्ली-एनसीआर में 26 जून के आसपास हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन इस क्षेत्र में मानसून की बारिश का इंतजार अभी और करना होगा।
इस मानसून में अब तक 37 प्रतिशत अधिक बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि देश में इस मानसूनी मौसम में अब तक 37 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश हो चुकी है। उसने कहा कि देश में 21 जून तक सामान्य बारिश 10.05 सेंटीमीटर के मुकाबले 13.78 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने एक बयान में कहा, 'इस साल के दक्षिण पश्चिम मानसून के मौसम में 21 जून तक संचयी वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से करीब 37 प्रतिशत ज्यादा हुई।' विभाग ने कहा कि इस अवधि में उत्तर-पश्चिम भारत में 40.6 मिलीमीटर सामान्य बारिश के मुकाबले 71.3 मिलीमीटर बारिश हुई जो 76 प्रतिशत ज्यादा है।
बयान में कहा गया कि मध्य भारत में 145.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जो सामान्य बारिश 92.2 मिलीमीटर के मुकाबले 58 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें कहा गया कि दक्षिणी प्रायद्वीप में 133.6 मिलीमीटर बारिश हुई जो सामान्य से 24 प्रतिशत ज्यादा है। विभाग के मुताबिक पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में इस अवधि में 253.9 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि इस दौरान बारिश सामान्य रूप से 224.8 मिलीमीटर दर्ज की जाती है।
विभाग के मुताबिक केरल में दो दिन की देरी से पहुंचने के बाद मानसून देश में तेजी से बढ़ा और यह पूर्वी, मध्य और उससे लगे उत्तरपश्चिम भारत में सामान्य समय से 7 से 10 दिन पहले पहुंच गया।