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Mehul Choksi: मेहुल चोकसी के वकील की बेतुकी दलील, कहा- भारत प्रत्यर्पण से उसके मानवाधिकार प्रभावित होंगे
Mon, 14 Apr 2025 01:19 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 14 Apr 2025 01:19 PM IST
सार
पंजाब नेशनल बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में वांछित भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम से गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई और ईडी ने उसके भारत प्रत्यर्पण की मांग की है। इस पर चोकसी के वकील का कहना है कि प्रत्यर्पण से उसके मानवाधिकार प्रभावित होंगे।
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मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद उसके वकील ने बेतुकी दलील दी है। चोकसी के वकीलन विजय अग्रवाल ने कहा कि अगर उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो मेहुल चोकसी के मानवाधिकार प्रभावित होंगे।
भगोड़े मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि हम जिन दो आधारों पर चोकसी के प्रत्यर्पण को चुनौती देंगे। इसमें पहला मामले की राजनीतिक प्रकृति और दूसरा भारत में चोकसी के स्वास्थ्य को देखते हुए भारत में उचित उपचार मिलने की चिंता शामिल होगी। अगर फिर भी उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा तो उसके मानवाधिकार काफी प्रभावित होंगे।
वकील ने यह भी कहा कि चोकसी को कभी भारत ने भगोड़ा घोषित नहीं किया। क्योंकि उसने हमेशा जांच एजेंसियों का सहयोग किया है। इस मामले में कई साल से केस चल रहा है। हमने हमेशा अदालत में कहा है कि वह जांच में शामिल होने के लिए तैयार है, लेकिन स्वास्थ्य की हालत को देखते हुए वह यात्रा नहीं कर सकता है।
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ये भी पढ़ें: स्विट्जरलैंड भागने की फिराक में था मेहुल चोकसी, ईडी-सीबीआई की रणनीति के आगे पस्त हो गया भगोड़ा
उन्होंने कहा कि हमने शुरू में ही जांच एजेंसी से कहा था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पूछताछ में शामिल होगा। इसलिए आज तक सबको भगोड़ा घोषित किया गया, लेकिन मेहुल चोकसी भगोड़ा नहीं है। वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि हमने कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए आवेदन किया, लेकिन मंजूरी नहीं दी गई।
वकील ने कहा कि अब उसे बेल्जियम में हिरासत में लिया गया है। यहां जमानत के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया नहीं है। यहां पर अपील दायर की जाती है। अपील में यह कहा जाता है कि उसे हिरासत में न रखा जाए। उसे हिरासत में न रहते हुए बचाव और प्रत्यर्पण का विरोध करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
कैंसर का इलाज चल रहा
वकील विजय अग्रवाल ने मेहुल चोकसी के स्वास्थ्य के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मेहुल बहुत बीमार है। उसका कैंसर का इलाज चल रहा है। पिछली बार जब उसे भारतीय एजेंसियों ने एंटीगुआ से पकड़ा था तो वह उत्पीड़न के चलते बेहद घुटन महसूस कर रहा था। उसे कुछ स्थायी विकृतियां हो गईं थीं। इस आधार पर ही हम उसके हिरासत से बाहर रखकर प्रत्यर्पण का विरोध करने की अपील दायर करेंगे।
ये भी पढ़ें: चोकसी की गिरफ्तारी पर PNB घोटाले के व्हिसलब्लोअर की मांग, कहा- लूटा पैसा भी लाया जाए वापस
सीबीआई और ईडी के अनुरोध पर हुई गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि 65 साल के मेहुल चोकसी को शनिवार को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। वह अभी भी जेल में है। ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बेल्जियम में संबंधित विभाग और अधिकारियों से मेहुल पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है।
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भगोड़े मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि हम जिन दो आधारों पर चोकसी के प्रत्यर्पण को चुनौती देंगे। इसमें पहला मामले की राजनीतिक प्रकृति और दूसरा भारत में चोकसी के स्वास्थ्य को देखते हुए भारत में उचित उपचार मिलने की चिंता शामिल होगी। अगर फिर भी उसे भारत प्रत्यर्पित किया जाएगा तो उसके मानवाधिकार काफी प्रभावित होंगे।
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वकील ने यह भी कहा कि चोकसी को कभी भारत ने भगोड़ा घोषित नहीं किया। क्योंकि उसने हमेशा जांच एजेंसियों का सहयोग किया है। इस मामले में कई साल से केस चल रहा है। हमने हमेशा अदालत में कहा है कि वह जांच में शामिल होने के लिए तैयार है, लेकिन स्वास्थ्य की हालत को देखते हुए वह यात्रा नहीं कर सकता है।
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उन्होंने कहा कि हमने शुरू में ही जांच एजेंसी से कहा था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पूछताछ में शामिल होगा। इसलिए आज तक सबको भगोड़ा घोषित किया गया, लेकिन मेहुल चोकसी भगोड़ा नहीं है। वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि हमने कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए आवेदन किया, लेकिन मंजूरी नहीं दी गई।
वकील ने कहा कि अब उसे बेल्जियम में हिरासत में लिया गया है। यहां जमानत के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया नहीं है। यहां पर अपील दायर की जाती है। अपील में यह कहा जाता है कि उसे हिरासत में न रखा जाए। उसे हिरासत में न रहते हुए बचाव और प्रत्यर्पण का विरोध करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
कैंसर का इलाज चल रहा
वकील विजय अग्रवाल ने मेहुल चोकसी के स्वास्थ्य के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मेहुल बहुत बीमार है। उसका कैंसर का इलाज चल रहा है। पिछली बार जब उसे भारतीय एजेंसियों ने एंटीगुआ से पकड़ा था तो वह उत्पीड़न के चलते बेहद घुटन महसूस कर रहा था। उसे कुछ स्थायी विकृतियां हो गईं थीं। इस आधार पर ही हम उसके हिरासत से बाहर रखकर प्रत्यर्पण का विरोध करने की अपील दायर करेंगे।
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सीबीआई और ईडी के अनुरोध पर हुई गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि 65 साल के मेहुल चोकसी को शनिवार को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। वह अभी भी जेल में है। ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बेल्जियम में संबंधित विभाग और अधिकारियों से मेहुल पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है।
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