फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   mehli mistry steps down tata medical centre trust

टाटा से मेहली मिस्त्री की दूरी: मेडिकल सेंटर ट्रस्ट से भी होंगे बाहर, 30 सितंबर को खत्म होगा कार्यकाल; क्यों?

Sat, 26 Sep 2026 10:23 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 26 Sep 2026 10:23 PM IST
सार

मेहली के मिस्त्री ने टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट में अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा ट्रस्टी बनने से इनकार कर दिया है। उनका कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को खत्म हो रहा है। इससे पहले वह आरएनटी एसोसिएट्स, रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट और रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन से भी अलग हो चुके हैं। हालांकि, वह टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट से जुड़े रहे हैं।
 

विज्ञापन
mehli mistry steps down tata medical centre trust
मेहली मिस्त्री - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रतन टाटा के लंबे समय तक करीबी सहयोगी रहे मेहली मिस्त्री अब टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट के ट्रस्टी भी नहीं रहेंगे। उन्होंने अपने मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने के बाद दोबारा ट्रस्टी बनने के लिए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
विज्ञापन


15 सितंबर को ईमेल भेजकर दी जानकारी
मिस्त्री ने 15 सितंबर को टाटा मेडिकल सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण पट्टाथेयिल को ईमेल भेजकर अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'मैं आपको बताना चाहता हूं कि टाटा मेडिकल सेंटर के ट्रस्टी के तौर पर मेरा कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को खत्म हो रहा है। मैं दोबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहता और अनुरोध करता हूं कि मेरे कार्यकाल को न बढ़ाने का यह ईमेल रिकॉर्ड में रखा जाए।'
विज्ञापन


नोएल टाटा समेत अन्य ट्रस्टियों को भी भेजा ईमेल
मिस्त्री का यह ईमेल टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के अलावा ट्रस्टी विजय सिंह, डेरियस जे खंबाटा, लिआ टाटा, माया टाटा और नेविल टाटा को भी भेजा गया था। उन्होंने अपने ईमेल में दोबारा चुनाव नहीं लड़ने और अपने ट्रस्टी पद का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने की बात साफ तौर पर कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


436 बेड का कैंसर अस्पताल चलाता है ट्रस्ट
टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट कोलकाता में स्थित है और टाटा मेडिकल सेंटर का संचालन करता है। यह 436 बेड वाला गैर-लाभकारी कैंसर अस्पताल है। यहां किफायती दरों पर कैंसर का इलाज किया जाता है। अस्पताल में इलाज के साथ कैंसर की स्क्रीनिंग, बीमारी की शुरुआती पहचान, रोकथाम, पुनर्वास और पैलिएटिव केयर की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

मिस्त्री का टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट से अलग होना टाटा से जुड़ी अन्य संस्थाओं में उनकी भूमिका में हुए बदलावों के बाद हुआ है। जुलाई 2026 में उन्होंने आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पद से इस्तीफा दिया था। यह वही निवेश कंपनी है जिसे रतन टाटा ने अपने निजी निवेश को संभालने के लिए स्थापित किया था।

आरएनटी एसोसिएट्स का निवेश पोर्टफोलियो 1,000 करोड़ से ज्यादा
आरएनटी एसोसिएट्स एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश पोर्टफोलियो का प्रबंधन करती है। कंपनी की ओला इलेक्ट्रिक और अर्बन कंपनी जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी है। मिस्त्री ने आरएनटी एसोसिएट्स से इस्तीफा देने से पहले रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट और रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन के ट्रस्टी पद भी छोड़ दिए थे। रतन टाटा की वसीयत के तहत ट्रस्टीशिप में बदलाव हुए थे। इसके बाद आरएनटी एसोसिएट्स में निदेशक पद भी नए ट्रस्टियों को स्थानांतरित कर दिया गया था। मिस्त्री का आरएनटी एसोसिएट्स से इस्तीफा इसी घटनाक्रम के बाद हुआ था।

यह भी पढ़ें: 'खाने की थाली से बढ़ रहा बीमारियों का बोझ': तुकाराम मुंढे बोले- नहीं चेते तो भारी पड़ेगा; चिंता की बात क्या?

मिस्त्री अक्टूबर 2025 में मुख्य टाटा ट्रस्ट्स से अलग हुए थे। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट में उनकी दोबारा नियुक्ति को मंजूरी नहीं मिली थी। इससे पहले एक प्रस्ताव के तहत उन्हें आजीवन ट्रस्टी के तौर पर दोबारा नियुक्त किया जाना था।

महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने दायर की थी कैविएट
मुख्य टाटा ट्रस्ट्स में अपनी स्थिति बदलने के बाद मिस्त्री ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के सामने प्री-एम्प्टिव कैविएट भी दायर की थी। उन्होंने अनुरोध किया था कि ट्रस्टियों की सूची में किसी भी बदलाव से पहले उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए।


बाद में मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट्स से अपने अलगाव को रतन टाटा की भावना के अनुरूप बताया था। उन्होंने कहा था कि रतन टाटा की सोच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता में यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि टाटा ट्रस्ट्स किसी विवाद में न आएं। उन्होंने ट्रस्टियों से पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और जनहित को ध्यान में रखकर काम करने की अपील की थी।

टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट से जुड़े रहे मिस्त्री
मिस्त्री टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट से जुड़े रहे हैं। यह सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़ा एक परोपकारी ट्रस्ट है। अब टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट में भी उनकी मौजूदा भूमिका 30 सितंबर को खत्म हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह इसके बाद ट्रस्टी पद के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed