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Meghalaya: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने बरकरार रखी 25 साल की सजा
Fri, 14 Apr 2023 12:05 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 14 Apr 2023 12:05 PM IST
सार
अगस्त 2021 में आरोपी पूर्व विधायक दोरफांग को पोक्सो कोर्ट की विशेष जज एफएस संगमा ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 25 साल जेल की सजा सुनाई थी।
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मेघालय हाईकोर्ट।
- फोटो : social media
विस्तार
मेघालय हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पूर्व विधायक को राहत देने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल से मिली 25 साल की सजा को बरकरार रखा है। मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व विधायक जूलियस दोरफांग की याचिका को खारिज करते हुए पीड़िता को 20 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। मुआवजे की यह राशि पीड़िता को तीन महीने में मिलेगी।
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हाईकोर्ट ने कही ये बात
हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई 25 साल की सजा के ठोस कारण है, इसलिए इस मामले में कोई हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की याचिका को खारिज भी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दोषी की उम्र को देखते हुए सजा की अवधि 15 साल, 20 साल या 30 साल भी हो सकती थी। अधिकतम सजा ना देकर दोषी को ही राहत दी गई है। बता दें कि अगस्त 2021 में आरोपी पूर्व विधायक दोरफांग को पोक्सो कोर्ट की विशेष जज एफएस संगमा ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 25 साल जेल की सजा सुनाई थी।
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पोक्सो कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पूर्व विधायक दोरफांग ने हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि अब उन्हें हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा को बरकार रख उन्हें झटका दिया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि पीड़िता को अगले 20 सालों तक मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं और साथ ही उसकी शिक्षा का भी इंतजाम किया जाए, जिससे पीड़िता एक सामान्य और स्वस्थ जिंदगी जी सके।
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कौन है जूलियस दोरफांग
बता दें कि दोरफांग उग्रवादी संगठन Hynniewtrep National Liberation Council का चेयरमैन था और साल 2007 में उसने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की थी। साल 2013 में दोरफांग ने विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। साल 2017 में दोरफांग पर 14 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा, जिसके बाद उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट और अनैतिक तस्करी रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। जिसमें उसे यह सजा हुई है।