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Assam: सीमा विवाद के बीच असम पुलिस ने माल लदे ट्रकों को मेघालय में प्रवेश की दी अनुमति, लेकिन रख दी एक शर्त

Fri, 25 Nov 2022 07:08 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, शिलांग
पीटीआई, शिलांग Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 25 Nov 2022 07:08 PM IST
सार

असम-मेघालय हिंसा के कारण उपजे हालातों की वजह से शाम के समय, सैकड़ों वाहन पेट्रोल पंपों पर इंतजार करते देखे गए क्योंकि लोग ईंधन कमी के डर से टैंक भरने के लिए इधर-उधर हाथ-पांव मार रहे थे। शिलांग और राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में वाहनों की लंबी कतार लगी हैं जिसके कारण के कारण यातायात जाम हो गया है।

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Meghalaya Government will provide security to oil tankers after Assam transporters stop fuel supply
असम ने रोकी ईंधन की सप्लाई - फोटो : ANI

विस्तार

मंगलवार को असम-मेघालय सीमा पर गोलीबारी की घटना के बाद पहली बार असम पुलिस ने शुक्रवार को माल लदे ट्रकों को मेघालय में प्रवेश करने की अनुमति दी। हालांकि,इसके लिए एक शर्त रखी गई है जिसके तहत मेघालय के पंजीकरण वाले वाहनों को ही राज्य में प्रवेश की अनुमति दी गई है। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन, असम यूनिट के उपाध्यक्ष मुस्तफा अहमद के अनुसार, पुलिस ने अभी भी मेघालय पंजीकरण वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों के प्रवेश को पड़ोसी राज्य में प्रतिबंधित कर दिया है।

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असम ने मेघालय को बंद की ईंधन की सप्लाई
बता दें कि इससे पहले असम में पेट्रोलियम कर्मचारियों के शीर्ष निकाय ने गुरुवार को मेघालय में ईंधन ले जाने वाली गाड़ी पर रोक लगा दी थी। असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने आईओसी, एचपीसीएल, और बीपीसीएल समेत सभी पीएसयू तेल विपणन कंपनियों को अलग-अलग पत्र भेज कर टैंकरों में ईंधन नहीं भरे जाने के यूनियन के फैसले के बारे में अवगत कराया था। हालांकि ईंधन ले जाने वाली गाड़ी पर रोक लगी रहेगी या हटेगी इस पर कोई फैसला नहीं आया है।
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सात जिलों के डिप्टी कलेक्टरों लिखा पत्र
खाद्य और नागरिक आपूर्ति निदेशक प्रवीण बख्शी ने सात जिलों के डिप्टी कलेक्टरों को एक पत्र लिखा। जिसमें असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) की ईंधन आपूर्ति की घोषणा के बाद ऐसे वाहनों के लिए पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया कि जिन्होंने हिंसा के डर से मेघालय में ईंधन का परिवहन बंद कर दिया है। 
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पत्र में कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर जहां भी संभव हो, गश्त/पुलिस एस्कॉर्ट प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। प्रवीण बख्शी ने जिला अधिकारियों को सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

वाहनों की लंबी कतार से यातायात जाम
हिंसा के कारण उपजे हालातों की वजह से शाम के समय, सैकड़ों वाहन पेट्रोल पंपों पर इंतजार करते देखे गए क्योंकि लोग ईंधन कमी के डर से टैंक भरने के लिए इधर-उधर हाथ-पांव मार रहे थे। शिलांग और राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में वाहनों की लंबी कतार लगी हैं जिसके कारण के कारण यातायात जाम हो गया है।

साथ ही पुलिस अधिकारी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहे हैं ताकि कोई लोगों को परेशानी से बजाया जा सके। वहीं कुछ जगहों पर लोगों का सब्र टूट गया, वाहन चालक अपनी बारी का इंतजार करते हुए उग्र भी हो गए थे, हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल सहित सभी पीएसयू तेल विपणन कंपनियों को पत्र भेजकर टैंकरों में ईंधन नहीं भरने के अपने फैसले के बारे में सूचित किया।

फायरिंग में हो गई थी छह लोगों की मौत
असम-मेघालय सीमा पर मंगलवार की सुबह हुई हिंसा में एक वन रक्षक सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। असम के वन कर्मियों द्वारा अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से लदे एक ट्रक को रोका गया था। 

लोगों को मेघालय नहीं जाने की दी सलाह
मेघालय में शुक्रवार को विभिन्न संगठनों के असहयोग आंदोलन के आह्वान के चलते सरकारी दफ्तरों में कर्मियों की उपस्थिति बहुत कम रही। असम पुलिस के अधिकारियों ने शुक्रवार को नई एडवाइजरी जारी की। इसमें नागरिकों को मेघालय की यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई। मेघालय के लोगों के लिए राहत की बात यह रही कि असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने पड़ोसी राज्य से टैंकरों एवं संबंधित कर्मियों की सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद ईंधन की आपूर्ति बहाल करने का फैसला किया।


NHRC के अध्यक्ष से मिले संगमा
मेघालय CM कोनराड संगमा ने कहा कि हमने आज NHRC के अध्यक्ष से मुलाकात की और आयोग को पश्चिम जयंतिया हिल्स में हुई गोलीबारी की घटना से अवगत कराया। हमने समझाया कि यह कैसे मानवाधिकारों का उल्लंघन था। हमने NHRC का समर्थन मांगा है क्योंकि यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है।

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