DPIIT: सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की बैठक, उत्पादन डेटा का संग्रह करने पर चर्चा
भारत का कहना है कि हम वैश्विक स्तर पर दूसरे सबसे बड़े सीमेंट उत्पादक है। भारत की स्थापित क्षमता 600 मिलियन टन है। 2022-23 में भारत में सीमेंट का उत्पादन 391 मिलियन टन है। विभाग अब इस सीमेंट उद्योग का सटीक डाटा चाहता है। सूत्रों की मानें तो डेटा संग्रह में परेशानी होती है।
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भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत भारतीय सीमेंट उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान, सीमेंट उत्पादन डेटा का संग्रह करने पर चर्चा की गई। बैठक का आयोजन मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा किया गया था। सीमेंट भारत के आठ प्रमुख उद्योगों में से एक है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 5.37 प्रतिशत इसकी हिस्सेदारी है।
भारत की स्थापित क्षमता 600 मिलियन टन
भारत का कहना है कि हम वैश्विक स्तर पर दूसरे सबसे बड़े सीमेंट उत्पादक है। भारत की स्थापित क्षमता 600 मिलियन टन है। 2022-23 में भारत में सीमेंट का उत्पादन 391 मिलियन टन है। विभाग अब इस सीमेंट उद्योग का सटीक डाटा चाहता है। सूत्रों की मानें तो डेटा संग्रह में परेशानी होती है। क्योंकि कई सीमेंट कंपनियां नियमित डाटा प्रदान नहीं कर पातीं। इस वजह से कई परेशान आती है।
सीआईएस पोर्टल को संशोधित कर रहे, संशोधित पोर्टल जल्द होगा लॉन्च
संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि डीपीआईआईटी व्यापार को दिन-ब-दिन आसान बना रहा है। इसी कड़ी में हम सीमेंट संयंत्रों को 150 दिनों के लिए या फिर जब तक संयंत्र को बीआईए प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता, तब तक के लिए आईएसआई मार्क के बिना सीमेंट के निर्माण और बिक्री के लिए अनुमति देंगे। भविष्य में अनुमति देने और प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सीआईएस पोर्टल में पंजीकरण से पहले जानकारी दे दी जाएगी। सीआईएस पोर्टल को संशोधित किया जा रहा है। संशोधित सीआईएस पोर्टल शीघ्र ही लॉन्च किया जाएगा।
यह कंपनियां होंगी शामिल
बैठक में सौराष्ट्र सीमेंट लिमिटेड, डालमिया सीमेंट (बी) लिमिटेड और श्री सीमेंट लिमिटेड सहित अन्य सीमेंट कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उत्पादन डेटा प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।