{"_id":"57603c3c4f1c1b4a2511b81f","slug":"meeting-of-both-societies-people-in-kandhla-in-context-of-exodus","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांधला में हुई दोनों समाज के लोगों की बैठक, भाईचारा और प्यार यहां आज भी बरकरार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कांधला में हुई दोनों समाज के लोगों की बैठक, भाईचारा और प्यार यहां आज भी बरकरार
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
कांधला में हुई दोनों समाज के लोगों की बैठक
- फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बे के मोहल्ला गुजरान में सभासद के आवास पर कांधला पलायन की सूची जारी होने के बाद दोनों समाज के लोगों की बैठक हुई। कहा कि कस्बा आपसी भाईचारे की मिसाल रहा है। जिसे राजनीति की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।
विज्ञापन
कैराना से पलायन की सूची जारी होने के बाद मंगलवार को सांसद ने कांधला के 63 परिवारों की सूची को जारी किया है। कांधला का नाम पलायन के लिए आते ही कस्बे में भी चर्चा का विषय बन गया। जिसको रोकने के लिए दोनों समाज से कुछ लोग आगे आए।
विज्ञापन
इसी मामले को लेकर मंगलवार को मोहल्ला गुजरान निवासी सभासद अनीस जंग के आवास पर बैठक हुई। अनीस ने कहा कि हमारे कस्बे की हमेशा से ही हिंदू मुस्लिम एकता के लिए मिसाल दी जाती रही है। जिसे यहां के लोगों ने बरकरार रखा है। कैराना सांसद के द्वारा पलायन करने वाले लोगों की सूची जारी करने के बाद इसका कांधला के दोनों समाज के लोग पुरजोर विरोध करते हैं।
विज्ञापन
मेहरचंद सिंघल ने कहा कि हमारे कस्बे में पूर्व चेयरमैन बाबू प्रेमप्रकाश, चेयरमैन बाबू रफीक, मरहूम हजरत कामिल साहब, मौलाना इफ्तखार उल हसन आदि का आपसी प्रेम हमारे लिए मिसाल रहा है। नवेद जंग ने कहा कि 13 सितंबर के दंगे के दौरान जब दोनों जिले नफरत की आग में जल रहे थे उस समय भी हमारे कस्बे में कोई घटना घटित नहीं हुई। यहां हमेशा से ही दोनों समाज के लोगों में भाईचारा रहा है। मौके पर अमित गर्ग, जीमल जंग, अनिमेष वर्मा, सलीम, विनोद, आदि लोग मौजूद रहे।