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मेडिकल समूहों ने पीएम मोदी से कहा- टीका पर सवाल खड़ा करने वाले दावों पर ध्यान न दें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Apr 2018 04:18 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की उप महानिदेशक (कार्यक्रम) सौम्या स्वामीनाथन के "राष्ट्रवादी समूहों" को "टीकाकरण का विरोध" करने पर फटकार लगाने के कुछ दिनों बाद ही, चिकित्सा संघों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उनसे अपील की है कि वह "बेतुके और गैर जिम्मेदार" दावों पर ध्यान ना दें।
उन्होंने लिखा है कि ऐसा करने से मिशन इंद्रधनुष में लोगों के विश्वास कम हो जाएगा, जो अब तक मोदी सरकार का स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रमुख कार्यक्रम है।
हालांकि इस चिट्ठी में किसी का नाम नहीं लिखा है, लेकिन यह आरएसएस की आर्थिक शाखा स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रधानमंत्री को एक और चिट्ठी लिखे जाने के बाद आया है। 15 अप्रैल को लिखी गई चिट्ठी में, स्वदेशी जागरण मंच ने आरोप लगाया है कि समर्थन करनेवाले संदिग्ध पृष्ठभूमि के संगठन और स्वास्थ्य मंत्रालय में एक अधिकारी “एचपीवी टीका जैसी टीकों के इस्तेमाल के लिए लॉबिंग कर रहे थे।”
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मंच ने लिखा, “इसका मतलब है कि "राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम पर दवा कंपनियों के दिग्गजों के प्रभाव के बारे में सवाल खड़े किए जा रहे हैं।”
मोदी को लिखी गई नई चिट्ठी में लिखा है, “... टीकों के बारे में हालिया किए गए बेतुके और गैर जिम्मेदार दावे हमारे नीति निर्माताओं और उनकी कठोर प्रक्रियाओं के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञों और हमारे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने वाले सरकारी अधिकारियों की अखंडता और अधिकार पर सवाल उठाते हैं। इस तरह के दावों में उन लोगों के दिमाग में संदेह के बीज बोने की क्षमता होती है जिनका मिशन इंद्रधनुष जैसे सरकार के अहम कार्यक्रम में विश्वास है।
"श्रीमान, इसलिए हम आपसे अपील करते हैं कि आप इन निराधार और अवैज्ञानिक आपत्तियों को तवज्जो न दें, जो दुनिया के और स्थानीय वैज्ञानिक साक्ष्य और सर्वमान्य जानकारी के उलट हैं, और भारत की टीकाकरण नीतियों और कार्यक्रमों को पटरी से उतारती है।"
मिशन इंद्रधनुष दिसंबर 2014 में लॉन्च किया गया था और यह भारत के टीकाकरण कार्यक्रम को 90 फीसदी लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करता है, और अब तक 2.55 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।
इस चिट्ठी में हस्ताक्षर करने वालों में फेडरेशन ऑफ ओबस्टेट्रिक एंड गायनकोलॉजिकल सोसाइटीज के अध्यक्ष डॉ जयदीप मल्होत्रा, आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ एन के गांगुली; डॉ डैंग लैब्स के डॉ नविन डैंग, जो इंडियन मेडिकल काउंसिल के सदस्य भी हैं; डॉ सी एन पुरंदारे, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ गायनकोलॉजी एंड ओबस्टेट्रिक्स के अध्यक्ष; आईएनसीएलईएन ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक डॉ एन के अरोड़ा; राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) के अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र एस चौहान; और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर में सामुदायिक स्वास्थ्य विभागाध्यक्ष डॉ जयप्रकाश मुलियेल शामिल हैं।
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उन्होंने लिखा है कि ऐसा करने से मिशन इंद्रधनुष में लोगों के विश्वास कम हो जाएगा, जो अब तक मोदी सरकार का स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रमुख कार्यक्रम है।
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हालांकि इस चिट्ठी में किसी का नाम नहीं लिखा है, लेकिन यह आरएसएस की आर्थिक शाखा स्वदेशी जागरण मंच द्वारा प्रधानमंत्री को एक और चिट्ठी लिखे जाने के बाद आया है। 15 अप्रैल को लिखी गई चिट्ठी में, स्वदेशी जागरण मंच ने आरोप लगाया है कि समर्थन करनेवाले संदिग्ध पृष्ठभूमि के संगठन और स्वास्थ्य मंत्रालय में एक अधिकारी “एचपीवी टीका जैसी टीकों के इस्तेमाल के लिए लॉबिंग कर रहे थे।”
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मंच ने लिखा, “इसका मतलब है कि "राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम पर दवा कंपनियों के दिग्गजों के प्रभाव के बारे में सवाल खड़े किए जा रहे हैं।”
मोदी को लिखी गई नई चिट्ठी में लिखा है, “... टीकों के बारे में हालिया किए गए बेतुके और गैर जिम्मेदार दावे हमारे नीति निर्माताओं और उनकी कठोर प्रक्रियाओं के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञों और हमारे स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने वाले सरकारी अधिकारियों की अखंडता और अधिकार पर सवाल उठाते हैं। इस तरह के दावों में उन लोगों के दिमाग में संदेह के बीज बोने की क्षमता होती है जिनका मिशन इंद्रधनुष जैसे सरकार के अहम कार्यक्रम में विश्वास है।
"श्रीमान, इसलिए हम आपसे अपील करते हैं कि आप इन निराधार और अवैज्ञानिक आपत्तियों को तवज्जो न दें, जो दुनिया के और स्थानीय वैज्ञानिक साक्ष्य और सर्वमान्य जानकारी के उलट हैं, और भारत की टीकाकरण नीतियों और कार्यक्रमों को पटरी से उतारती है।"
मिशन इंद्रधनुष दिसंबर 2014 में लॉन्च किया गया था और यह भारत के टीकाकरण कार्यक्रम को 90 फीसदी लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करता है, और अब तक 2.55 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।
इस चिट्ठी में हस्ताक्षर करने वालों में फेडरेशन ऑफ ओबस्टेट्रिक एंड गायनकोलॉजिकल सोसाइटीज के अध्यक्ष डॉ जयदीप मल्होत्रा, आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ एन के गांगुली; डॉ डैंग लैब्स के डॉ नविन डैंग, जो इंडियन मेडिकल काउंसिल के सदस्य भी हैं; डॉ सी एन पुरंदारे, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ गायनकोलॉजी एंड ओबस्टेट्रिक्स के अध्यक्ष; आईएनसीएलईएन ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक डॉ एन के अरोड़ा; राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) के अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र एस चौहान; और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर में सामुदायिक स्वास्थ्य विभागाध्यक्ष डॉ जयप्रकाश मुलियेल शामिल हैं।