Karnataka Meat Ban: महाशिवरात्रि पर बंगलूरू में पशु वध और मांस बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, आदेश हुआ जारी
महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 के अवसर पर ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण क्षेत्र में पशु वध और मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
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महाशिवरात्रि के पर्व के अवसर पर 15 फरवरी 2026 को ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण क्षेत्र में पशु वध और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस दिन सभी बूचड़खाने और मांस विक्रय केंद्र बंद रहेंगे। यह निर्णय धार्मिक भावनाओं और पारंपरिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। बेंगलुरु में हर साल इस अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम और पूजा-अर्चना आयोजित की जाती है।
केरल हाईकोर्ट ने ब्रांडी के लिए नाम और लोगो प्रतियोगिता पर लगाई रोक
वहीं केरल हाईकोर्ट ने मालाबार डिस्टिलरीज द्वारा अपनी नई ब्रांडी के लिए नाम और लोगो चुनने हेतु आयोजित प्रतियोगिता पर अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने यह आदेश दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान जारी किया। ये याचिकाएं कोल्लम निवासी एम.एम. संजीव कुमार और कोट्टायम के चिंथु कुरियन जॉय ने दायर की थीं। अदालत ने फिलहाल प्रतियोगिता पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी कि यदि इस प्रकार की प्रतियोगिता को अनुमति दी गई, तो यह गलत परंपरा स्थापित करेगी। उनका कहना है कि यह प्रतियोगिता अभकारी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती है। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में विजेता को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी।
सुनवाई के दौरान केरल स्टेट बेवरेजेस (मैन्युफैक्चरिंग एंड मार्केटिंग) कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया कि विवादित विज्ञापन मालाबार डिस्टिलरीज लिमिटेड द्वारा जारी किया गया था और इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है।