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MEA: पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे को ढहाया जाने पर भड़का भारत, कहा- दोषियों को सजा दिलाए

Wed, 01 Jul 2026 10:10 PM IST
राहुल कुमार एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 01 Jul 2026 10:10 PM IST
सार

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों पर हमलों का सिलसिला नहीं थम रहा है। भारत ने पाकिस्तान में 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को ढहाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे बर्बरता और अत्यंत निंदनीय कृत्य बताया है।
 

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MEA Slams Demolition of Historic Sikh Shrine in Pakistan, Seeks Swift Action
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

पाकिस्तान में 125 साल पुराने एक गुरुद्वारे को गिराए जाने की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस अत्यंत निंदनीय और सिखों के पूजनीय धार्मिक स्थल को निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा करता है। सरकार ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह इस मामले की तुरंत जांच करे, दोषियों को सजा दिलाए और गुरुद्वारे का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराए।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल कहा कि इस पवित्र गुरुद्वारे को तोड़े जाने और स्थानीय प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न किए जाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भारत ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाए और वहां बढ़ रही धार्मिक असहिष्णुता खत्म करे।
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क्या है मामला? 
यह घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लाहौर से लगभग 60-70 किलोमीटर दूर फारूकाबाद शहर की है। 24 और 25 जून की दरमियानी रात को स्थानीय भू-माफिया और कुछ शरारती तत्वों ने मिलकर इस गुरुद्वारे की इमारत को भारी नुकसान पहुंचाया। सोशल मीडिया पर आए वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि गुरुद्वारे के मुख्य ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया गया। यह जमीन हथियाने के उद्देश्य से किया गया हमला था। एक स्थानीय भू-माफिया ने प्रशासनिक अनुमति के बगैर इस ऐतिहासिक इमारत को ढहाने की कोशिश की। सिख समुदाय का विरोध घटना के बाद पाकिस्तान और भारत के सिख संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। 
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पंजाब सरकार कराएगी जीर्णोद्धार
सिखों के विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने गुरुद्वारा सिंह सभा का दौरा किया और इसके तुरंत जीर्णोद्धार की घोषणा की। अधिकारियों के साथ फहुंचे अरोड़ा ने स्थानीय सिखों की शिकायतें भी सुनी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि औकाफ विभाग से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय व्यवसायी ने संबंधित विभाग से एनओसी लिए बिना ही गुरुद्वारे को गिरा दिया था।

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