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सरकार ने कहा- दिल्ली और कैपिटल हिल हिंसा एक समान, इंटरनेट बैन पर भी दी सफाई

Thu, 04 Feb 2021 09:17 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 04 Feb 2021 09:17 PM IST
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MEA Says, Incidents of violence vandalism at historic Red Fort evoked similar sentiments and reactions in India as did the Capitol Hill incident
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव - फोटो : एएनआई

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को दिल्ली हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को हिंसा की घटनाएं, लाल किले में तोड़फोड़ ने भारत में उसी तरह की भावनाएं और प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की, जैसी कि छह जनवरी को अमेरिका में कैपिटल हिल घटना के बाद देखने को मिली थी।

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उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदर्शन को लोकतांत्रिक आचार एवं राजनीतिक व्यवस्था के संदर्भ में तथा गतिरोध खत्म करने के लिए सरकार एवं संबद्ध किसान संगठनों के प्रयासों को अवश्य ही देखा जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि भारत में हुई घटनाओं से कानूनों के मुताबिक निपटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने किसानों के आंदोलन पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि बातचीत के जरिए ही दोनों पक्ष इस मामले को सुलझाएं।  
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इंटरनेट बैन पर भी दिया जवाब
विदेश मंत्रालय ने किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर एनसीआर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा पर रोक लगाए जाने पर कहा कि यह और अधिक हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए था।

भारत और चीन के बीच वार्ता जरूरी
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा उद्देश्य पश्चिमी क्षेत्र में भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के सभी तनाव वाली जगह से सेनाओं की वापसी सुनिश्चित करना और शांति बहाल करना है। हम तनाव को कम करने के लिए भारत एवं चीन के राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम चर्चा जारी रखेंगे।


गौरतलब है कि अब तक हुई कमांडर स्तर की वार्ता में दोनों पक्षों ने संघर्ष वाले इलाकों से सैनिकों को पीछे हटने के बारे में बातचीत की थी। हालांकि अंतिम बार दोनों देशों के बीच वार्ता 6 नवंबर को हुई थी, लेकिन अब तक यह आगे नहीं बढ़ सकी है। इसके लिए चीन के अड़ियल रवैये को जिम्मेदार माना जा रहा है।

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