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Iran Unrest: विदेश मंत्रालय बोला- ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक फंसे, स्थिति पर सरकार की कड़ी नजर

Fri, 16 Jan 2026 06:14 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 16 Jan 2026 06:14 PM IST
सार

विदेश मंत्रालय ने ईरान, शक्सगाम घाटी, चाबहार पोर्ट और म्यांमार चुनावों पर स्थिति का अपडेट साझा किया है। मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पोर्टल और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग बनाए रखने और म्यांमार में निष्पक्ष एवं समावेशी चुनावों पर नजर रखने का भरोसा दिया।

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mea says approximately 9000 Indian citizens in Iran, and government is closely monitoring situation
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल - फोटो : एएनआई

विस्तार

ईरान में बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं।
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उन्होंने बताया कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए भारत सरकार ने दो-तीन एडवाइजरी जारी की हैं। इन एडवाइजरी के माध्यम से भारत में रह रहे नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है। वहीं, ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे उपलब्ध साधनों का उपयोग कर सुरक्षित रूप से देश छोड़ने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने ईरानी विदेश मंत्री के साथ बातचीत की, जिसमें हाल की घटनाओं पर चर्चा हुई।
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रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार ईरान की स्थिति पर लगातार और करीबी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार उनकी मदद के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत और ईरान के बीच पुरानी और मजबूत साझेदारी रही है। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात पर सरकार करीबी नजर रखे हुए है। बदलते हालात को देखते हुए भारत अपनी ईरान के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने पर फैसला करेगा।
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अमेरिका के 25% टैरिफ का भारत-ईरान व्यापार पर सीमित असर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर घोषित 25% टैरिफ पर मंत्रालय नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि भारत और ईरान के बीच पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 1.6 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ, जिसमें भारत का निर्यात 1.2 बिलियन डॉलर और आयात 0.4 बिलियन डॉलर रहा। जायसवाल ने कहा कि वैश्विक व्यापार के संदर्भ में ईरान का हिस्सा भारत के कुल व्यापार का केवल 0.15% है, इसलिए इसका असर सीमित रहेगा। शक्सगाम घाटी को लेकर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है और इससे संबंधित टिप्पणियां पहले जारी की जा चुकी हैं।

चाबहार बंदरगाह पर अमेरिका के साथ कर रहे बातचीत
अमेरिका के तेहरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि भारत ईरान में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह के विकास में अपनी भागीदारी को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने यह टिप्पणी चाबहार बंदरगाह के विकास से पीछे हटने पर विचार करने संबंधी खबरों पर की। उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक पत्र जारी किया था जिसमें 26 अप्रैल, 2026 तक सशर्त प्रतिबंध छूट के बारे में जानकारी दी थी। हम इस पर काम करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं। ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार बंदरगाह के विकास में भारत एक प्रमुख भागीदार है। पिछले साल सितंबर में, अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट पर दंडात्मक उपायों से भारत को छह महीने की छूट दी थी। यह छूट 26 अप्रैल को खत्म हो जाएगी।

म्यांमार चुनावों को लेकर स्पष्ट किया रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने म्यांमार चुनावों पर कहा कि भारत ने हमेशा निष्पक्ष और समावेशी चुनावों की आवश्यकता को दोहराया है, जिसमें सभी हितधारक शामिल हों। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, म्यांमार में अब तक दो चरणों के चुनाव हो चुके हैं और आगे भी अन्य चरण आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भारत से कुछ लोग म्यांमार गए हैं, लेकिन वे निजी यात्रा के रूप में गए हैं और उनका कोई सरकारी प्रतिनिधित्व नहीं है।


फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ और जापान के विदेश मंत्री के भारत दौरे पर भी दिया बयान
फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की फिल्मों से संबंधित सभी मुद्दे भारत में संबंधित प्राधिकरणों द्वारा निपटाए जाते हैं और विदेश मंत्रालय का इसमें कोई योगदान नहीं है। जापान के विदेश मंत्री के भारत दौरे (15 से 17 जनवरी) पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने 18वें भारत-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग में हिस्सा लिया। दोनों देशों ने सप्लाई चेन, निवेश, व्यापार, तकनीक, नवाचार, रक्षा, लोगों के बीच संबंध और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पहल और आर्थिक सुरक्षा के लिए क्रिटिकल मिनरल्स पर संयुक्त कार्य समूह बनाने का निर्णय भी लिया गया।

चीन के कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर उन्होंने कहा कि CCP के अंतरराष्ट्रीय विभाग के उप-मंत्री ने विदेश सचिव से मुलाकात की और दोनों पक्षों ने बातचीत के विवरण साझा किए। जायसवाल ने जापान के साथ रक्षा सहयोग पर भी जोर दिया और कहा कि कई परियोजनाओं पर विचार चल रहा है। दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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