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विदेश मंत्रालय का रुख: तालिबानी सरकार को मान्यता बाद में, पहले हमें भारतीयों को निकालने की चिंता
Fri, 27 Aug 2021 06:04 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 27 Aug 2021 06:04 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि अफगानिस्तान में हालात तेजी से बदल रहे हैं और हमारा मुख्य ध्यान लोगों की सुरक्षा पर है। तालिबानी सरकार को मान्यता देने के सवाल पर मंत्रालय ने कहा कि अभी तक वहां यह साफ नहीं है कि कौन सरकार बनाने की पहल कर रहा है। पढ़िए प्रेस वार्ता के प्रमुख बिंदु
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
अफगानिस्तान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और वहां से लोगों को निकालने की प्रक्रिया जारी है। भारत भी अपने और अफगानियों समेत अन्य देशों के नागरिकों को युद्धग्रस्त क्षेत्र से निकालने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता में अफगानिस्तान और वहां से भारतीयों की निकासी को लेकर जानकारी दी।
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मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा, हमने छह अलग-अलग विमानों के जरिए काबुल या दुशांबे से 550 से अधिक लोगों को निकाला है। इनमें 260 भारतीय हैं। भारत सरकार ने अन्य एजेंसियों के माध्यम से भी भारतीय नागरिकों को अफगानिस्तान से निकालने की व्यवस्था की है। इसे लेकर हम अमेरिका और ताजिकिस्तान जैसे देशों के साथ संपर्क में हैं।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा कि अभी तक हमारा आकलन यह है कि अफगानिस्तान से लौटने की इच्छा रखने वाले अधिकांश भारतीयों को वहां से निकाल लिया गया है। अभी कुछ और लोग भी अफगानिस्तान में हैं। मेरे पास ऐसे लोगों की संख्या की निश्चित जानकारी नहीं है।
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उन्होंने कहा कि हमने अन्य देशों के नागरिकों के साथ-साथ कुछ अफगान नागरिकों को भी वहां से निकाला है। इनमें से कई सिख और हिंदू हैं। मुख्य तौर पर हमारा ध्यान भारतीय नागरिकों को निकालने पर रहेगा, लेकिन हम उन अफगान नागरिकों के साथ भी खड़े रहेंगे जो हमारे लिए खड़े हुए थे।
भारत आने वाले अफगान नागरिकों को लेकर बागची ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसे लोगों के लिए ई-आपातकालीन वीजा की घोषणा की है। इस वीजा की अवधि छह महीने की है। इसलिए फिलहाल ऐसे अफगानी नागरिक छह महीने की वीजा अवधि के साथ भारत आ रहे हैं।
Regarding the Afghans who are coming to India, MHA has announced e-emergency viasas. These are six-month visas. So they are currently coming here under the six-month visa regime. We will take it from there: MEA Spokesperson Arindam Bagchi on policy on Afghan refugees pic.twitter.com/RznZsxC4cs
— ANI (@ANI) August 27, 2021
बागची ने बताया कि अफगानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था तबाह हो जाने के बाद ऐसी रिपोर्ट आई थीं कि कुछ लोगों ने हमारी एक आउटसोर्सिंग एजेंसी पर हमला किया था, जहां अफगानी पासपोर्ट और भारतीय वीजा रखे हुए थे। इसके बाद हमारे अधिकारी हाई अलर्ट पर आ गए थे। अब हम ई-आपातकालीन वीजा की व्यवस्था को अपना रहे हैं।
बागची ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनएससी) की हमारी अध्यक्षता के समापन सत्र को लेकर विदेश सचिव विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इनमें मध्य पूर्व पर यूएनएससी की खुली ब्रीफिंग भी शामिल है। न्यूयॉर्क में इन कार्यक्रमों के संपन्न होने के बाद वह द्विपक्षीय विचार-विमर्श के लिए अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी जाएंगे।
तालिबान सरकार को मान्यता देने के सवाल पर बागची ने कहा कि अफगानिस्तान में जमीनी स्थितियां बहुत अनिश्चित हैं। चिंता का मुख्य विषय लोगों की सुरक्षा है। वर्तमान में काबुल में किसी संगठन की ओर से सरकार का गठन किए जाने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि हम हालात पर नजर बनाए रखेंगे। यहां स्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
उन्होंने कहा कि हम एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान चाहते हैं। हम यहां के हालात पर लगातार करीबी नजर बनाए हुए हैं। हमारी प्राथमिकता अफगानिस्तान से लोगों को निकालने में सुरक्षा की स्थिति पर है और हम देख रहे हैं कि यह किस तरह बदलती है। अन्य देश भी इंतजार करने और नजर रखने की नीति पर चल रहे हैं।