फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MEA officials to brief External Affairs Committee on Bangladesh situation on Dec 11 says shashi Tharoor

Bangladesh: बांग्लादेश के हालात पर सरकार चिंतित, विदेश मामलों की समिति के सामने पेश होंगे MEA के अधिकारी

Thu, 28 Nov 2024 03:33 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 28 Nov 2024 03:33 PM IST
सार

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ जारी हिंसा को लेकर भारत सरकार ने चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी इस मुद्दे पर संसद की विदेश मामलों की समिति के समक्ष पेश होंगे और समिति को बांग्लादेश के हालात के बारे में जानकारी देंगे। 

विज्ञापन
MEA officials to brief External Affairs Committee on Bangladesh situation on Dec 11 says shashi Tharoor
बांग्लादेश के हालात पर विरोध प्रदर्शन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ जारी हिंसा को लेकर भारत सरकार ने चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी इस मुद्दे पर संसद की विदेश मामलों की समिति के समक्ष पेश होंगे और समिति को बांग्लादेश के हालात के बारे में जानकारी देंगे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी 11 दिसंबर को विदेश मामलों की समिति को बांग्लादेश के हालात पर जानकारी देंगे। शशि थरूर इस समिति के अध्यक्ष हैं। 
विज्ञापन


थरूर ने बताया- 11 दिसंबर को जानकारी देंगे विदेश मंत्रालय के अधिकारी
गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने चिंता जाहिर की थी और बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक वर्ग की सुरक्षित और मानवाधिकार सुनिश्चित करने की अपील की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या समिति ने बांग्लादेश की स्थिति पर विदेश मंत्रालय से जानकारी मांगी है, इस पर थरूर ने कहा, 'हां, हमने मांगी है, हमें कुछ सप्ताह के भीतर 11 दिसंबर को बांग्लादेश के हालात पर जानकारी दी जाएगी। अगले सप्ताह, कुछ लंबित मुद्दे हैं जिन पर विदेश सचिव हमें जानकारी देंगे।'
विज्ञापन


बांग्लादेश के हालात पर शशि थरूर ने जताई चिंता
बांग्लादेश की हालात पर थरूर ने कहा, 'यह बहुत गंभीर और परेशान करने वाली बात है। सभी भारतीय चिंतित हैं क्योंकि यह एक पड़ोसी देश है जिसकी भलाई के बारे में हम चिंतित हैं। केवल विदेश मंत्रालय ही स्थिति पर नजर नहीं रख रहा है, बल्कि सभी भारतीय बांग्लादेश से आ रहीं कुछ रिपोर्टों से चिंतित हैं। इसलिए, हम इस पर बहुत बारीकी से नज़र रखेंगे।' बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू, जो 17 करोड़ की आबादी का केवल 8 प्रतिशत हिस्सा हैं, उन पर 5 अगस्त को शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद से 50 से अधिक जिलों में 200 से अधिक हमले हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस सप्ताह हिंदू आध्यात्मिक नेता चिन्मय दास को राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद हालात और भी बदतर हो गए। इसके बाद राजधानी ढाका और बंदरगाह शहर चटगाँव सहित विभिन्न स्थानों पर समुदाय के सदस्यों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। दास इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) के सदस्य थे और हाल ही में उन्हें निष्कासित कर दिया गया है।


संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed