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करतारपुर मामलाः पाकिस्तान की नई पैंतरेबाजी से भारत खफा, राजनयिक तलब
Fri, 06 Nov 2020 08:30 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 06 Nov 2020 08:30 PM IST
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करतारपुर साहिब गुरुद्वारा
- फोटो : PTI
पाकिस्तान द्वारा गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के प्रबंधन की जिम्मेदारी नए संस्थान को सौंपने के बाद से सिख समुदाय इसका जोर-शोर से विरोध कर रहे हैं। इस बीच अब अब विदेश मंत्रालय ने भी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी को तलब किया है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि यह निर्णय करतारपुर साहिब की भावना के विरुद्ध है और पाकिस्तान को अपने मनमाने फैसले को जल्द से जल्द बदलने की आवश्यकता है।
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Pak High Commission CDA was summoned & our protest was lodged. We've conveyed that this decision runs against the spirit of Kartarpur corridor & Pakistan needs to reverse its arbitrary decision: MEA Spokesperson on Pak diplomat summoned over Kartarpur Gurudwara management change https://t.co/HSWSGia6Wo pic.twitter.com/snSXXW4Awi
— ANI (@ANI) November 6, 2020
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क्या है मामला
पाकिस्तान ने एतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का प्रबंधन पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) से छीनकर एवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) को सौंप दिया है। पाकिस्तान सरकार द्वारा गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब को प्रोजेक्ट बिजनेस प्लान घोषित कर प्रबंधन के लिए नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में पीएसजीपीसी का कोई सदस्य शामिल नहीं किया गया है।
इमरान खान के फासीवादी वाले बयान पर भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दिया जवाब
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भारत को फासीवादी कहे जाने को लेकर भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमें इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए। यह पाकिस्तान की अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए और उसकी समस्याओं से दुनिया का ध्यान भटकाने की एक असफल कोशिश है।
वैक्सीन ट्रायल में पड़ोसी देशों की मदद
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कोरोना के मद्देनजर पड़ोसी देशों के ट्रायल को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जिसमें 8 देशों के लगभग 90 विशेषज्ञों ने भाग लिया। हम पड़ोसी और अन्य इच्छुक देशों के साथ सहयोग कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 190 से अधिक राजनयिक मिशनों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत ने मार्च से अपने साथी देशों के साथ लगातार काम किया है।
प्रतिभागियों को भारत के कोरोना प्रबंधन, टीका विकास कार्यक्रम और वैक्सीन वितरण प्रणाली के सॉफ्टवेयर और संबंधित मुद्दों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जानकारी दी गई।
भारत-चीन मामले पर भी दिया जवाब
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन के बीच शांति स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। सैन्य एवं राजनीतिक स्तर पर दोनों देशों में बातचीत लगातार जारी है।