CAA: नागरिकता कानून पर अमेरिका को भारत की दो टूक; विदेश मंत्रालय बोला- हमारे आंतरिक मामले में बयानबाजी गलत
अमेरिका ने भारत में नागरिकता देने के कानून- सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) पर बयान दिया है। भारत ने इस प्रतिक्रिया को गैरजरूरी बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार अमेरिका समेत कई देशों के बयान से अवगत है। ऐसी टिप्पणियां गलत, अधूरी सूचना पर आधारिकत और अनुचित हैं।
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अमेरिका के बयान पर भारत की दो टूक प्रतिक्रिया#WATCH | On CAA, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "As you are well aware, the Citizenship Amendment Act 2019 is an internal matter of India and is in keeping with India's inclusive traditions and a long-standing commitment to human rights. The act grants a safe haven to… pic.twitter.com/cJBiDvI7JU
— ANI (@ANI) March 15, 2024विज्ञापन
सीएए के कार्यान्वयन पर अमेरिकी विदेश विभाग के बयान को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा, कई अन्य लोगों ने भी सीएए पर टिप्पणियां की हैं। सरकार का विचार है कि यह गलत है। ऐसे बयान अनुचित और गलत सूचना पर आधारित हैं। भारत का संविधान अपने सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। अल्पसंख्यकों के प्रति चिंता का कोई कारण नहीं। उनके साथ गलत व्यवहार का भी कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सीएए कानून जैसे विचारों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
सीमित समझ के आधार पर ज्ञान देने से बचना चाहिए
विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए सरकार की पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भारत की बहुलतावादी परंपराओं और क्षेत्र के विभाजन के बाद के इतिहास की सीमित समझ है, उन्हें कानून से जुड़े व्याख्यान देने का प्रयास नहीं करना चाहिए। भारत के सहयोगियों और शुभचिंतकों को उस नीयत और इरादे का स्वागत करना चाहिए जिसके साथ सीएए कानून लागू करने जैसा कदम उठाया गया है।
विदेश मंत्रालय ने और भी मुद्दों पर दिया बयान
नागरिकता कानून (सीएए), रूस यूक्रेन युद्ध, हैती में हिंसा, म्यांमार की स्थिति और भूटान के प्रधानमंत्री के भारत दौरे जैसे मुद्दों पर एक संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'आप अच्छी तरह से जानते हैं कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 भारत का आंतरिक मामला है। कानून भारत की समावेशी परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है जो नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों- हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के नागरिकों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए कानून बनाया गया है।
नागरिकता छिनने का सवाल ही नहीं
31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश कर चुके ऐसे लोगों को कानून के मुताबिक नागरिकता दी जाएगी। इसके लिए कई अहम दस्तावेज भी जमा करने हैं। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि सीएए कानून नागरिकता देने के लिए बनाया गया है। इससे किसी की नागरिकता छिनेगी नहीं। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक इस कानून से मानवाधिकारों को ताकत मिलने के साथ-साथ नागरिकों को मानवीय गरिमा भी मिलेगी। सरकार राज्यविहीन (Statelessness) होने के मुद्दे का प्रभावी समाधान कर सकेगी।
हैती संकट पर विदेश मंत्रालय का बयान; दूतावास खाली करने को भी तैयार
#WATCH | MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "We are pressing very hard with the Russian authorities for early discharge of our people who are stuck there. Last time we told you that there were 20 people there who approached us. We also have two people who passed away. On… pic.twitter.com/yxQEP7TRSM
— ANI (@ANI) March 15, 2024
म्यांमार में हालात बेहद नाजुक, नागरिकों को जाने से बचने की सलाह
#WATCH | On Myanmar situation, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "We had issued an advisory for the Rakhine State where the situation there is very delicate, the security situation has deteriorated. We told all Indian nationals to evacuate themselves and move away from there… pic.twitter.com/UNqh2Wwm1u
— ANI (@ANI) March 15, 2024
भूटान के प्रधानमंत्री तोबगे ने पीएम मोदी को किया आमंत्रित
#WATCH | On PM's visit to Bhutan, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "Yesterday, the PM of Bhutan met with our PM. He (Bhutan PM) invited our PM to visit Bhutan. As far as the visit itself is concerned, you will come to know of it as and when it is announced and when we take… pic.twitter.com/KYSnqObZUz
— ANI (@ANI) March 15, 2024
डोभाल के इस्राइल दौरे पर क्या बोला विदेश मंत्रालय
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की इस्राइल यात्रा पर विदेश मंत्रालय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में अरब देशों के कई नेताओं से भी संपर्क साधा है। एनएसए की इस्राइल यात्रा रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत में हुई है। एनएसए ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की। उन्होंने अपने इस्राइली समकक्ष से भी मुलाकात की। डोभाल ने कई अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच मानवीय सहायता बढ़ाने पर जोर दिया।
#WATCH | On NSA's visit to Israel, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "As you're aware, the Prime Minister himself is invested to promote peace and stability in the region. He has been in touch with several Arab leaders in this connection. NSA's visit to Israel took place at… pic.twitter.com/oGbX197v6H
— ANI (@ANI) March 15, 2024