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अरबपति पिता की गोल्ड मेडलिस्ट एमबीबीएस डॉक्टर बेटी हिना ने ली जैन भिक्षु की दीक्षा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
Updated Thu, 19 Jul 2018 08:23 AM IST
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Hina Kumari
अरबपति पिता की एमबीबीएस डॉक्टर बेटी ने जैन भिक्षु की दीक्षा ग्रहण की है। हिना कुमारी नाम की इस बेटी ने सांसारिक सुखों को त्याग कर जैन भिक्षु बनने का फैसला किया। हिना ने सूरत में पूरे विधि विधान और जैन परंपरा के मुताबिक दीक्षा ग्रहण की। हिना कुमारी की अब नई पहचान साध्वी श्री विशारदमाला हो गई है। 28 साल की हिना ने अध्यात्मिक गुरु आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ली है।
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Gujarat: MBBS doctor Hina Kumari took 'diksha' to become a monk, earlier today, in Surat. pic.twitter.com/xVPD8Do333
— ANI (@ANI) July 18, 2018विज्ञापन
Hina Kumari
बुधवार सुबह से शुरु हुआ दीक्षा समारोह का कार्यक्रम पूरे विधि विधान के साथ दोपहर में संपन्न हुआ। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। हिना के परिजनों का कहना है कि वह छात्र जीवन से ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं। जब हिना ने यही बात अपने घर वालों को बताई की उसे सांसकारिक सुख छोड़कर आध्यात्म के रास्ते पर जाना है तो उनके परिवार वाले इस बात को लेकर राजी नहीं हुए।
अहमदनगर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले एक दशक से अपने परिवार के सदस्यों को दीक्षा लेने के लिए मना रही थीं। लेकिन उनके परिजन ऐसा नहीं चाहते थे। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बनना सबके बस की बात नहीं है।
अहमदनगर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले एक दशक से अपने परिवार के सदस्यों को दीक्षा लेने के लिए मना रही थीं। लेकिन उनके परिजन ऐसा नहीं चाहते थे। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बनना सबके बस की बात नहीं है।