उ.प्र. में प्रधानमंत्री के भाषण पर मायावती ने पीएम को सदन में कोसा
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 500 और एक हजार के नोटों की बंदी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर खुलकर आरोप लगाए। राज्यसभा में नोटों के विमुद्रीकरण पर चर्चा के दौरान मायावती ने प्रधानमंत्री को जापान में दिए गए उनके वक्तव्य से लेकर गाजीपुर की जनसभा में दिए गये संबोधन पर जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 500 और 1000 के नोटों की बंदी के क्रम में इमोशनल ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। अपनी बूढ़ी मां को लाइन में खड़ा करके प्रधानमंत्री ड्रामेबाजी कर रहे हैं।
कालेधन के खिलाफ
मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी बड़े नोटों की बंदी के खिलाफ नहीं है। लेकिन जिस अपरिपक्व, अधकच्चे ढंग से बिना मुकम्मल तैयारी के यह फैसला लिया गया है, उससे देश में नौ नवंबर से ही आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मायावती ने कहा कि गरीब, मजदूर, किसान, निचली और मध्यमवर्ग की जनता में त्राहि-त्राहि मची है और प्रधानमंत्री जापान में जाकर ऐसे बोल रहे थे जैसे उन्होंने कोई बड़ा तीर मार दिया हो। मायावती ने कहा कि वह और उनकी पार्टी कालेधन या फिर बड़े नोटों के बंदी के खिलाफ नहीं है। लेकिन जिस तरह से इस निर्णय को लागू किया जा रहा है, उसपर उन्हें नाराजगी है।
बसपा पर दी सफाई
मायावती ने कहा कि बसपा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के दलित आंदोलन की थीम पर चलने वाली राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने कहा कि बसपा अपने सदस्यों से सदस्यता शुल्क, चंदा लेकर यहां तक पहुंची। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि हमारी पार्टी विदेशों, धन्नासेठों, उद्योगपतियों से पैसा लेने वाली पार्टी नहीं है।
पीएम पर हमला
प्रधानमंत्री की 14 नवंबर को गाजीपुर में हुई जनसभा बसपा प्रमुख के खास निशाने पर रही। मायावती ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ होने की दुहाई देते हैं। वह बताते हैं जैसे वह दूध के धुले हैं लेकिन गाजीपुर की उनकी जनसभा की तैयारी और जुटाई गई भीड़ भ्रष्टाचार को बताने के लिए पर्याप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब से सरकार ने 500 और 1000 के नोट बंद करने का निर्णय लिया है, तब से कई दलों के नेता नींद की गोली लेकर सो रहे हैं। मायावती ने कहा कि हो सकता है इस समय प्रधानमंत्री खुद नींद की गोली लेकर सो रहे हों। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री जिन 10 महीने से तैयारी की बात कर रहे हैं, उस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी, अपने लोगों, धन्नासेठों, उद्योगपतियों के काले नोटों
को ठिकाने लगाने का काम किया है।
कमियां छिपा रहे हैं पीएम
मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री 10 महीने से नोट बंदी की तैयारी का दावा कर रहे हैं। यदि होता तो देश में अफरा-तफरी का माहौल न होता, जनता त्राहि-त्राहि न करती। इसके उलट प्रधानमंत्री अपनी कमियां छिपाने के लिए विरोधी दलों पर निशाना साध रहे हैं। कमिया छिपाने के लिए आतंकवाद का सहारा ले रहे हैं। मायावती ने कहा कि अपनी कमजोरी छिपाने के लिए प्रधानमंत्री 50 दिन का समय मांग रहे हैं। मायावती ने कहा कि पीएम सब राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उ.प्र., उत्तराखंड, पंजाब समेत पांच राज्यों में चुनाव होने हैं। वहां भाजपा की हवा खराब है। जनता रिस्पांस नहीं मिल रहा है और इसलिए प्रधानमंत्री मोदी इस तरह की ड्रामेबाजी कर रहे हैं। मायावती ने सवाल पूछा कि आखिर चुनाव से डेढ़-दो महीने पहले यह निर्णय लागू करने का मतलब क्या है?
समयबद्ध हो जांच
मायावती ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की समयबद्ध तरीके से जांच होनी चाहिए। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि इसकी जांच संयुक्त संसदीय दल से कराई जाए। अपनी मांग को आगे बढ़ाते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि इस पूरे मामले की निश्चित समय सीमा के भीतर जांच की जानी चाहिए।