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मुखौटा कंपनियों के हांगकांग के बैंकों में जमा 41.87 करोड़ जब्त
Sun, 06 Jan 2019 01:45 AM IST
गौरव द्विवेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 06 Jan 2019 01:45 AM IST
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेएनपीटी-ओबीसी बैंक धोखाधड़ी मामले में मुखौटा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हांगकांग के बैंक खातों में जमा कराए गए 41.87 करोड़ रुपये जब्त कर लिये हैं। साथ ही ईडी ने आरोपी राजेश बंगवाला के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।
ईडी के मुताबिक, ‘जेएनपीटी-ओबीसी बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी बंगवाला ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। उसने जाली दस्तावेजों के आधार पर जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) द्वारा जमा किए गए 180 करोड़ रुपये को निजी संस्थाओं के नाम पर स्थानांतरित कराए। इसके बाद में निजी संस्थाओं के खाते से इन लोगों ने 180 करोड़ रुपये अपने विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराए।
आरोपियों ने हांगकांग से संचालित होने वाली कई मुखौटा कंपनियों के बैंक खातों में भी रकम जमा कराई थी। इसमें से नौ करोड़ रुपये की राशि बरामद की जा चुकी है। ईडी ने 2014 में इस मामले में हवाला कानून के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की थी। एजेंसी ने आरोपियों की भारत में मौजूद 1.08 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी संलग्न किया है। जून, 2018 में विशेष जज पीएमएलए की मुंबई पीठ के समक्ष ईडी ने अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की थी।
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ईडी के मुताबिक, ‘जेएनपीटी-ओबीसी बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी बंगवाला ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। उसने जाली दस्तावेजों के आधार पर जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) द्वारा जमा किए गए 180 करोड़ रुपये को निजी संस्थाओं के नाम पर स्थानांतरित कराए। इसके बाद में निजी संस्थाओं के खाते से इन लोगों ने 180 करोड़ रुपये अपने विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराए।
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आरोपियों ने हांगकांग से संचालित होने वाली कई मुखौटा कंपनियों के बैंक खातों में भी रकम जमा कराई थी। इसमें से नौ करोड़ रुपये की राशि बरामद की जा चुकी है। ईडी ने 2014 में इस मामले में हवाला कानून के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की थी। एजेंसी ने आरोपियों की भारत में मौजूद 1.08 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी संलग्न किया है। जून, 2018 में विशेष जज पीएमएलए की मुंबई पीठ के समक्ष ईडी ने अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की थी।
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