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चीन के खिलाफ मोर्चाबंदी: पैंगोंग झील के पास मार्कोस कमांडो तैनात, पहले से डटे हैं गरुड़ व पैरा कमांडो
Sat, 28 Nov 2020 05:13 PM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Sat, 28 Nov 2020 05:13 PM IST
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पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास मार्कोस तैनात
- फोटो : ANI
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भारत और चीन के बीच जारी सीमा गतिरोध के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास भारतीय नौसेना के मार्कोस (MARCOS) कमांडो बल को तैनात कर दिया है। नौसेना के विशेष मरीन कमांडो बल को मार्कोस कहा जाता है। यहां गतिरोध के पहले दिन से ही भारतीय वायुसेना के गरुड़ और भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्स के कमांडो डटे हुए हैं। नौसेना के मरीन कमांडो (Marine Commandos= MarCos) को संक्षिप्त में मार्कोस कहा जाता है।
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झील में ऑपरेशन के लिए जल्द मिलेगी नई नावें
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मरीन कमांडो की तैनाती का मकसद, तीन सेवाओं के एकीकरण को बढ़ाना और अत्यधिक ठंड के मौसम की स्थिति में नौसैनिक कमांडो को एक्सपोजर प्रदान करना है। सूत्रों ने कहा, 'मार्कोस को पैंगोंग झील क्षेत्र में तैनात किया गया है, जहां भारतीय और चीनी सेना इस साल अप्रैल-मई के बाद से संघर्ष की स्थिति में हैं।' उन्होंने कहा कि नौसेना के कमांडो भी जल्द ही झील में ऑपरेशन के लिए नई नावें मिलेंगी।
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कई दौर की वार्ता के बाद भी गतिरोध
बता दें कि दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध के बीच आर्मी और वायु सेना के जवान शुरू से ही यहां डटे हुए हैं। भारत और चीन के बीच अब तक बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। इसके बाद भी पूर्वी लद्दाख से सेना के हटाने पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। इससे अब यह लगभग तय हो गया है कि दोनों ही देशों के सैनिकों को जमा देने वाली ठंड के बीच आने वाले कई महीने तक बने रहने होगा।
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गत छह नवंबर को कोर कमांडरों के बीच आठवें दौर की वार्ता के बाद भी अब तक दोनों ही देशों के बीच कोई भी ठोस प्रगति नहीं हुई है। इससे पिछले सात महीने से चला आ रहा सैन्य गतिरोध अभी भी जस का तस बना हुआ है।