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Hindi News ›   India News ›   Maratha Quota Agitation Updates: Internet to be shut down in most parts of Chhatrapati Sambhajinagar district

Maratha Quota Row: छत्रपति संभाजीनगर जिले के इन हिस्सों में बंद रहेगा इंटरनेट, 48 घंटों तक निलंबित रहेगी सेवा

Wed, 01 Nov 2023 05:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 01 Nov 2023 05:00 PM IST
सार

Maratha Quota Row: मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर जिले के अधिकतर हिस्सों में बुधवार शाम से मोबाइल और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं 48 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी।

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Maratha Quota Agitation Updates: Internet to be shut down in most parts of Chhatrapati Sambhajinagar district
इंटरनेट सेवाएं बंद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए छत्रपति संभाजीनगर जिले के अधिकतर हिस्सों में बुधवार शाम से मोबाइल और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं 48 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी। एक अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी। 

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उन्होंने कहा, शटडाउन बुधवार शाम छह बजे से शुक्रवार (तीन नवंबर) शाम छह बजे तक लागू रहेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (सुजाता सौनिक) के आदेश के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। यह आदेश छत्रपति संभाजीनगर शहर को छोड़कर गंगापुर, वैजापुर, खुल्ताबाद, फुलंबरी, सिलोद, कन्नड़, पैठण, सोएगांव और छत्रपति संभाजीनगर तालुकों पर लागू होगा। 

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अधिकारी ने कहा, कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए डोंगल, ब्रॉडबैंड, वायरलाइन, फाइबर के माध्यम से प्रदान की जाने वाली इंटरनेट सेवाएं 48 घंटे की अवधि के लिए निलंबित रहेंगी। उन्होंने कहा, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के भूख हड़ताल शुरू करने के बाद पिछले तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी थी। 

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मराठा आरक्षण का मुद्दा क्या है?
महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग बहुत पुरानी है। साल 1997 में मराठा संघ और मराठा सेवा संघ ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के लिए पहला बड़ा मराठा आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने अक्सर कहा है कि मराठा उच्च जाति के नहीं बल्कि मूल रूप से कुनबी यानी कृषि समुदाय से जुड़े थे। 

मौजूदा स्थिति की बात करें तो मराठा समुदाय महाराष्ट्र की आबादी का लगभग 31 प्रतिशत है। यह एक प्रमुख जाति समूह है लेकिन फिर भी समरूप यानी एक समान नहीं है। इसमें पूर्व सामंती अभिजात वर्ग और शासकों के साथ-साथ सबसे ज्यादा वंचित किसान शामिल हैं। राज्य में अक्सर कृषि संकट, नौकरियों की कमी और सरकारों के अधूरे वादों का हवाला देते हुए समाज ने आंदोलन किये हैं। 

2018 में महाराष्ट्र विधानमंडल से मराठा समुदाय के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 16% आरक्षण का प्रस्ताव वाला एक विधेयक पारित किया गया। विधेयक में मराठा समुदाय को सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग घोषित किया। 
 

विधानमंडल में पारित होने के बाद मराठा आरक्षण का मामला अदालती हो गया। जून 2019 में बम्बई उच्च न्यायालय ने मराठा आरक्षण की संवैधानिकता को बरकरार रखा, लेकिन सरकार से इसे राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुसार 16% से घटाकर 12 से 13% करने को कहा।

इस आरक्षण को बड़ा झटका तब लगा जब मई 2021 को जब सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को असंवैधानिक ठहराया और कानून को रद्द कर दिया। अदालत ने माना कि मराठा आरक्षण 50 फीसदी सीलिंग का उल्लंघन कर दिया गया था। 

प्रदर्शन के दौरान हिंसा के सिलसिले में 141 मामले दर्ज: पुलिस
महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रजनीश सेठ ने बुधवार को कहा कि राज्य पुलिस ने मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक 141 मामले दर्ज किए हैं और 168 लोगों को गिरफ्तार किया है। बीड जिले में हिंसा को लेकर उन्होंने बताया कि 24 से 31 अक्तूबर के बीच भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत सात अपराधों सहित 20 मामले दर्ज किए गए हैं।

सेठ ने दक्षिण मुंबई में राज्य पुलिस मुख्यालय में मीडियाकर्मियों को बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बीड जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की एक कंपनी तैनात की गई है और छत्रपति संभाजी नगर (ग्रामीण), जालना और बीड में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। डीजीपी ने कहा कि प्रदर्शनों (आठ दिनों में) के दौरान राज्य भर में उपद्रवियों द्वारा 12 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति यों को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा, सीआरपीसी की धारा 41 के तहत 146 आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

लातूर-सोलापुर राजमार्ग पर आगजनी, आठ घंटे तक यातायात बाधित
मराठा क्रांति मोर्चा (एमकेएम) के सदस्यों ने बुधवार को मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में लातूर-सोलापुर राजमार्ग को टायरों में आग लगाकर बाधित कर दिया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, एम्बुलेंस और स्कूल बसों जैसी आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक राजमार्ग पर किसी भी वाहन को चलने की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा मराठा समुदाय के वकीलों ने लातूर शहर में रैली निकाली और भूख हड़ताल की।

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