कांग्रेस नेता बोले: आजाद के जाने से चिनाब घाटी की सीटों पर ही पड़ेगा असर, पार्टी में युवाओं को लाने पर जोर
नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि आजाद के खेमे से कोई भी व्यक्ति या नेता अनुरोध के बाद भी कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुआ। हम इस कठिन दौर से भी पार पाएंगे।
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गुलाम नबी आजाद के बाहर होने के बाद कांग्रेस पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई में नेताओं के पलायन के बीच कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि कई नेता जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश में कभी मौका नहीं मिला, आजाद के कहने पर उनके साथ गए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में पार्टी में लौट आएंगे। आजाद के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद जम्मू-कश्मीर से लौटे नेता ने कहा कि पार्टी को और मजबूत करने और जमीनी स्तर पर युवाओं लाने के प्रयास जारी हैं। नेता ने कहा कि आजाद जिस पार्टी को लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं, वह जम्मू क्षेत्र की चिनाब घाटी की सात से 10 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को प्रभावित करेगी, लेकिन घाटी या जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में उसे नुकसान नहीं पहुंचाएगी।
नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि आजाद के खेमे से कोई भी व्यक्ति या नेता अनुरोध के बाद भी कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुआ। हम इस कठिन दौर से भी पार पाएंगे। कांग्रेस बाहरी लोगों को भूमि स्वामित्व अधिकार देने का विरोध कर रही है और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रही है, जिसे अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद हटा लिया गया था। पार्टी इस पर स्पष्टीकरण भी मांग रही है। जम्मू-कश्मीर के अस्थायी निवासियों को मतदान का अधिकार के सवाल पर आशंका जताई कि अगर ऐसे 15-20 लाख लोगों को मतदान का अधिकार दिया गया, तो यह केंद्र शासित प्रदेश की चुनावी राजनीति को बदल देगा।
सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मदद करेंगे चिदंबरम
वहीं, पार्टी के प्रवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) द्वारा दायर मामले में सहायता की पेशकश की। उन्होंने कहा कि एपीसीसी ने दिल्ली की एक शीर्ष कानूनी फर्म के साथ अपने मामले को शीर्ष अदालत में और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए बातचीत शुरू की है। एपीसीसी के मुख्य प्रवक्ता मंजीत महंत ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता, प्रख्यात वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में सीएए के खिलाफ हमारे मामले में हम सभी को मदद देने की सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह शीर्ष अदालत में बहस के दौरान भी मदद करेंगे। एपीसीसी ने 2019 में सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। महंत ने कहा कि एपीसीसी अध्यक्ष भूपेन बोरा ने नई दिल्ली में असम के पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता कृष्ण शर्मा से मुलाकात की और उनके साथ पार्टी की राज्य इकाई द्वारा दायर मामले की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने शीर्ष अदालत में मामले को आगे बढ़ाने के लिए उनके नेतृत्व वाले कॉरपोरेट लॉ ग्रुप को सौंपा था।