फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Many metropolises of world including India facing threat of rapid collapse and sinking

चिंताजनक: भारत समेत दुनिया के कई महानगर धंसने-डूबने की कगार पर; समुद्री जलस्तर बढ़ा, 7.6 करोड़ आबादी खतरे में

Mon, 09 Jun 2025 05:36 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 09 Jun 2025 05:36 AM IST
सार

सिंगापुर स्थित नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एनटीयू) के शोध में खुलासा हुआ है कि दुनिया के कई समुद्रतटीय शहर तेजी से धंस रहे हैं और यह प्रक्रिया बेहद चिंताजनक है। अध्ययन में एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के 48 महानगरों को शामिल किया गया।

विज्ञापन
Many metropolises of world including India facing threat of rapid collapse and sinking
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

भारत समेत दुनिया के कई महानगरों पर तेजी से धंसने और डूबने का खतरा मंडराने लगा है। समुद्र के बढ़ते जलस्तर से जूझ रहे ये शहर तेजी से अपनी जमीन खो रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय शोध में सामने आया है कि एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के दर्जनों महानगर हर साल औसतन एक सेंटीमीटर या उससे अधिक धंस रहे हैं, जिससे करोड़ों की आबादी बाढ़, जलभराव और संरचनात्मक अस्थिरता जैसे जोखिमों की चपेट में आ गई है।

विज्ञापन


भारत के मुंबई, सूरत, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद भी इस संकट में शामिल हैं, जहां लाखों लोग ऐसी जमीन पर रह रहे हैं जो हर साल नीचे जा रही है। सिंगापुर स्थित नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (एनटीयू) के शोध में खुलासा हुआ है कि दुनिया के कई समुद्रतटीय शहर तेजी से धंस रहे हैं और यह प्रक्रिया बेहद चिंताजनक है। अध्ययन में एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के 48 महानगरों को शामिल किया गया। इन सभी में एक बात समान है, समुद्र का बढ़ता जलस्तर और जमीन का तेजी से नीचे जाना। बीबीसी के अनुमान के अनुसार वर्ष 2014 से 2020 के बीच इन शहरों के ऐसे क्षेत्रों में लगभग 7.6 करोड़ लोग रह रहे हैं, जहां जमीन हर साल औसतन कम से कम 1 सेंटीमीटर धंसी है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: PM Modi: प्रधानमंत्री बोले- देश को आगे बढ़ाने में नारी शक्ति की अहम भूमिका, शिक्षा से व्यवसाय तक मिसाल बन रहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


मुंबई में हर साल करीब 2.8 सेंटीमीटर तक धंस रही जमीन
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के किंग्स सर्कल स्टेशन जैसे इलाकों में हर साल जमीन करीब 2.8 सेंटीमीटर तक धंस रही है। यहां करीब 62 लाख लोग ऐसे इलाकों में रहते हैं, जहां जमीन 1 सेंटीमीटर से अधिक की दर से हर साल नीचे जा रही है। इसकी प्रमुख वजह अनियंत्रित भूजल दोहन, भारी निर्माण कार्य, मेट्रो परियोजनाएं, ऊंची इमारतें और नम भूमि पर अवैज्ञानिक विकास माना जा रहा है।

सूरत भी इस खतरे का सामना कर रहा
गुजरात का तेजी से उभरता हुआ औद्योगिक शहर सूरत भी इसी खतरे का सामना कर रहा है। करंज जैसे क्षेत्र में जमीन 6.7 सेंटीमीटर प्रति वर्ष की दर से धंस रही है। यहां करीब 41 लाख लोग प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं।


चेन्नई में भी हर साल 0.01 से 3.7 सेंटीमीटर तक धंस रही जमीन
यहां की जमीन कई हिस्सों में औसतन हर साल 0.01 से 3.7 सेंटीमीटर तक धंसी है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई के लगभग 12 लाख लोग ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, जहां जमीन औसतन सालाना 1 सेंटीमीटर की दर से धंस रही है।

ये भी पढ़ें: Weather Report: उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी-लू से हलकान जनमानस; चार दिनों बाद मिल सकती है राहत

अहमदाबाद के 34 लाख लोग गंभीर खतरे की जद में
अहमदाबाद के पीपलाज इलाके में जमीन हर साल 4.2 सेंटीमीटर तक धंस रही है। लगभग 34 लाख लोग इस गंभीर खतरे की परिधि में हैं।

कोलकाता के भाटपाड़ा क्षेत्र में सबसे ज्यादा भू-धंसाव
कोलकाता के कई हिस्सों में हर साल जमीन औसतन 0.01 से 2.8 सेंटीमीटर तक धंसी। सबसे ज्यादा भू-धंसाव भाटपाड़ा क्षेत्र में दर्ज हुआ, जहां जमीन सालाना 2.6 सेंटीमीटर नीचे गई।  ऐसे खतरनाक क्षेत्रों में करीब 17 लाख लोग रहते हैं।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed