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Russia: केरल के चार युवकों को नौकरी का लालच देकर यूक्रेन की जंग में उतारा; अब परिवार ने मदद की लगाई गुहार
Thu, 21 Mar 2024 02:11 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 21 Mar 2024 02:11 PM IST
सार
बताया जा रहा है कि केरल के चार युवकों को पहले रूस की सेना में नौकरी देने का लालच दिया गया, जब वह वहां पहुंचे तो उन्हें यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष में लड़ने के लिए मजबूर किया। बाद में चारों शख्स युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंस गए।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : Volodymyr Zelenskyy X Handle
विस्तार
विदेशों में नौकरी दिलाने की आड़ में भारतीयों को जबरन रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में उतारा जा रहा है। ऐसे ही लालच में आए केरल के चार युवक यूक्रेन में फंस गए हैं। अब भारत अपने लोगों को वापस लाने का प्रयास कर रहा है।
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हाल ही में हुआ था नेटवर्क का भंडाफोड़
गौरतलब है, सीबीआई ने हाल ही में एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। अधिकारियों ने बताया था कि राजस्थान में रहने वाले रूसी एजेंट भारतीय युवकों को रोजगार का लालच देकर उन्हें रूस भेजने में मदद करते थे। रूस पहुंचने वाले भारतीयों के पहले पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते और बाद में उन्हें सशस्त्र बलों के साथ लड़ने के लिए मजबूर किया जाता था।
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केरल के चार युवकों भी दिया ऐसा ही लालच
अब ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि केरल के चार युवकों को पहले रूस की सेना में नौकरी देने का लालच दिया गया, जब वह वहां पहुंचे तो उन्हें यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष में लड़ने के लिए मजबूर किया। बाद में चारों शख्स युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंस गए। हालांकि, अब विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने विश्वास दिलाया है कि चारों को वापस लाने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
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परिवार ने किया खुलासा
चारों लोगों के परिवार ने बताया कि एक एजेंसी ने 2.5 लाख रुपये के वेतन का लालच देकर उन्हें रूस भेज दिया। फिर वहां पहुंचने पर उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और उन्हें यूक्रेन की जमीन पर रूसी सेना की तरफ से लड़ने के लिए मजबूर किया गया।
एक शख्स की मां ने बताया कि उन्हें तब पता चला, जब बेटा युद्ध में घायल हो गया और घर पर फोन करने में कामयाब रहा। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया, 'हम चाहते हैं कि हमारे बेटों को जल्द से जल्द सुरक्षित घर वापस लाया जाए।'
रूस से चल रही बातचीत
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि इस मामले के बारे में सरकार को पता है। रूस से बातचीत चल रही है कि जो भारतीय घर वापस आना चाहते हैं, उन्हें तुरंत घर भेजा जाए। इसके अलावा, हम विभिन्न स्तरों पर चर्चा के दौरान इस बात को दृढ़ता से रख चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि रूस जाने वाले कई लोगों ने आधिकारिक माध्यमों का सहारा न लेकर फर्जी एजेंसियों की मदद ली। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है और कुछ मामलों में कार्रवाई भी की गई है।
मुरलीधरन ने कहा कि केंद्र सरकार को मिली सूचना के अनुसार केरल के चार लोग वहां फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।