फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manoj Jarange will continue his protest demanding Maratha reservation

Maratha Reservation: 'मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र मिलने तक जारी रहेगा अनशन'; मनोज जरांगे ने दिया बयान

Tue, 12 Sep 2023 09:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 12 Sep 2023 09:06 PM IST
सार

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर 40 वर्षीय मनोज जारांगे महाराष्ट्र के अंतरवाली सरती में 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
 

विज्ञापन
Manoj Jarange will continue his protest demanding Maratha reservation
मनोज जरांगे - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जारांगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि वह भूख हड़ताल वापस लेने के लिए तैयार है। लेकिन वह तब तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे, जब तक राज्य सरकार कुनवी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर देती है।

विज्ञापन


महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम
भूख हड़ताल पर बैठे जारांगे ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार को एक महीने का समय दे रहे हैं। ताकि, राज्य द्वारा नियुक्त समिति मराठा आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकें। मंगलवार को राज्य के मंत्री संदीपन भुमरे और जालना से शिवसेना नेता अर्जुन खोतकर ने जारांगे से मुलाकात की और सर्वदलीय बैठक में पारित प्रस्तावों को साझा किया। हिंदुत्व नेता संभाजी भिडे ने भी मुलाकात की और उनसे अनशन वापस लेने का अनुरोध किया। हालांकि, जारांगे ने कहा कि वह अपना विरोध जारी रखेंगे क्योंकि मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की उनकी मांग पर राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
विज्ञापन


सभा को संबोधित करते हुए जारांगे ने कहा
मैं दो कदम पीछे चल रहा हूं ताकि मेरे समुदाय की बदनामी बंद हो, मैं अपना अनशन वापस लेने को तैयार हूं। लेकिन मैं यह जगह खाली नहीं करूंगा। हमने राज्य सरकार को 40 साल दिए हैं, लेकिन उसने कभी भी हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया। अगर राज्य सरकार अपने ही वादे को लागू नहीं करती है, तो वह औंधे मुंह गिर जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर सरकार में हलचल
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीते सोमवार को जारांगे के नेतृत्व में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन के चलते मुंबई में एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भाग लेने वाले सभी दलों ने एक प्रस्ताव पारित कर जारांगे से अपना अनशन वापस लेने का अनुरोध किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री शिंदे ने दर्ज पुलिस मामलों को भी वापस लेने की घोषणा की।


क्या है मामला?
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर 40 वर्षीय मनोज जारांगे महाराष्ट्र के अंतरवाली सरती गांव में 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।


पांच सदस्यीय पैनल का गठन
राज्य सरकार ने कुनबी (अब ओबीसी का हिस्सा) कहे जाने वाले मराठा समुदाय के सदस्यों को जाति प्रमाण पत्र देने की मांग को लेकर न्यायाधीश संदीप शिंदे (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पैनल का गठन किया है। आपको बता दें कि 1960 से पहले मराठा समाज को कुनबी समाज का प्रमाणपत्र दिया जाता था। लेकिन संयुक्त महाराष्ट्र का गठन होने के बाद यह प्रमाणपत्र मिलना बंद हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed