भाजपा का दावा: राहुल-प्रियंका के बीच दरार, विपक्ष के नेता बहन को कर रहे दरकिनार; संबित पात्रा की दलीलें क्या?
भाजपा ने दावा किया है कि कांग्रेस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच दरार है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने इंडिया गुट के दो विरोध प्रदर्शनों में प्रियंका को बोलने नहीं दिया।
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भाजपा ने रविवार को दावा किया कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व वाले दो खेमों में बंट गई है। भाजपा ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका को इंडिया गुट के दो विरोध प्रदर्शनों में बोलने नहीं दिया। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी को डर था कि उनकी बहन उन्हें दरकिनार कर सकती हैं।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के भीतर प्रियंका गांधी का "वोट भी चुरा लिया गया है"। पात्रा ने आरोप लगाया कि प्रियंका नकली संसद और रामलीला मैदान रैली में नाखुश दिखीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका वाड्रा को बोलने का अवसर नहीं दिया। पात्रा ने सवाल उठाया कि क्या गांधी परिवार के भीतर ही कोई राजनीतिक खेल चल रहा है।
क्या राहुल को बहन के कारण दरकिनार किए जाने का डर है?
संबित पात्रा ने पूछा कि क्या राहुल गांधी को डर है कि अगर प्रियंका वाड्रा को एक नेता के रूप में पेश किया गया, तो उन्हें दरकिनार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या यही वजह है कि गांधी परिवार के भीतर प्रियंका वाड्रा का वोट भी चुरा लिया गया है। पात्रा ने कहा कि नकली संसद में गैर-सांसदों सहित सभी को बोलने का अवसर दिया गया था। रामलीला मैदान रैली में भी सभी ने अपने विचार व्यक्त किए, लेकिन प्रियंका वाड्रा को फिर भी बोलने नहीं दिया गया।
कांग्रेस में राहुल बनाम प्रियंका खेमा?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खेमे उभर रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर अपनी बहन के उभार को दबाने का आरोप लगाया। भंडारी ने पूछा कि क्या देश अब राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के बीच की लड़ाई को खुले में देख रहा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका, जो कांग्रेस की महासचिव रह चुकी हैं, उन्हें रामलीला मैदान में सभा को संबोधित करने का अवसर नहीं दिया गया।
विरोध प्रदर्शनों का क्या था संदर्भ?
भंडारी ने दावा किया कि नकली संसद के दौरान भी, जब राहुल गांधी अपना 100वां "फिर से लॉन्च करने का अभियान" चला रहे थे, तब प्रियंका गांधी दूसरी पंक्ति में बैठी थीं और उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इंडिया गुट ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक "सार्वजनिक महाभियोग" किया था। विपक्षी समूह ने आरोप लगाया कि मतदान का अधिकार खतरे में है क्योंकि चुनाव आयोग मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। रविवार को, विपक्षी समूह ने चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ रामलीला मैदान में एक विशाल रैली की थी। भाजपा के आरोपों के अनुसार, इन्हीं दो आयोजनों में प्रियंका गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया।