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Manipur: अगस्त में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी मणिपुर सरकार; राज्य में हिंसा की घटनाओं के बीच कोशिशें तेज
Fri, 28 Jul 2023 07:23 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 28 Jul 2023 07:23 AM IST
सार
सरकारी प्रवक्ता तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सपाम राजन ने बताया कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने इन खबरों का भी खंडन किया कि राज्य सरकार ने भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे के इलाज की परवाह नहीं की।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह
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विस्तार
मणिपुर सरकार ने अगले महीने विधानसभा का विशेष सत्र बुला सकती है। जानकारी के मुताबिक, सरकार ने बताया कि अगस्त के दूसरे या तीसरे सप्ताह में विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया जाएगा। दरअसल, मणिपुर में लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। इसे लेकर कई वर्ग राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग कर रहे हैं।
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सरकारी प्रवक्ता तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सपाम राजन ने बताया कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने इन खबरों का भी खंडन किया कि राज्य सरकार ने भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे के इलाज की परवाह नहीं की। वह मई में जातीय संघर्ष शुरू होने के प्रारंभिक दिनों में हमले में घायल हो गए थे।
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वायरल वीडियो मामले की जांच CBI को सौंपी गई
दो महिलाओं के साथ दरिंदगी से देश को शर्मसार करने वाले मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी। साथ ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर कराने का आग्रह किया है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने मणिपुर वायरल वीडियो की जांच सीबीआई को सौंपने की जानकारी दी थी।
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करीब तीन महीने से जारी हिंसा
मणिपुर में बीती तीन मई को जातीय हिंसा की शुरुआत हुई थी। मणिपुर के मैतई समुदाय द्वारा जनजातीय आरक्षण देने की मांग से हिंसा की शुरुआत हुई थी, जिसमें अभी तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही मणिपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें लोगों की भीड़ दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाती दिख रही थी। महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया गया। इस घटना को लेकर पूरे देश में गुस्सा देखा गया। विपक्ष भी इसी मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है।