{"_id":"66dedcd4ff04bad9d1043ff3","slug":"manipur-students-stage-protests-over-drone-and-missile-attacks-news-in-hindi-2024-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"मणिपुर: ड्रोन हमलों से आक्रोशित छात्रों का राजभवन पर पथराव, 20 घायल; प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास भी घेरा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मणिपुर: ड्रोन हमलों से आक्रोशित छात्रों का राजभवन पर पथराव, 20 घायल; प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास भी घेरा
Mon, 09 Sep 2024 05:05 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 09 Sep 2024 05:05 PM IST
सार
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और राज्यपाल एल. आचार्य से भी मुलाकात की। राज्यपाल आचार्य से मिलने के बाद छात्रों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने छह मांग रखी, जिसमें राज्य में हिंसा को रोकने में विफल रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सुरक्षा सलाहकार को पद से हटाना शामिल हैं।
विज्ञापन
छात्रों का प्रदर्शन
- फोटो : ANI
विस्तार
मणिपुर में मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन के सामने हजारों स्कूली और कॉलेज के बच्चों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता की रक्षा का आह्वान किया। ड्रोन हमलों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने राजभवन पर पथराव किया। पुलिस और सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोका। कई राउंड आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट दागे। इसमें करीब 20 प्रदर्शनकारी छात्र घायल हो गए। छात्रों ने थौबाल में उप-आयुक्त कार्यालय पर भी हमला किया।
सीएम आवास के बाहर भी पहुंचे आक्रोशित छात्र
छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। मणिपुर सरकार ने नौ और दस सितंबर को दो दिन की स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की थी। इसके बावजूद सुबह ही विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र इंफाल की सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। बता दें कि राज्य में हुए ड्रोन हमले में दो की मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य घायल भी हुए थे। इस दौरान छात्रों ने 'मणिपुर जिंदाबाद' और 'सभी अक्षम विधायक इस्तीफा दें' के भी नारे लगाए।
छात्रों ने की सीएम और राज्यपाल से मुलाकात
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और राज्यपाल एल. आचार्य से भी मुलाकात की। राज्यपाल आचार्य से मिलने के बाद छात्रों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने छह मांग रखी, जिसमें राज्य में हिंसा को रोकने में विफल रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सुरक्षा सलाहकार को पद से हटाना शामिल हैं। रविवार को राज्यपाल के साथ बैठक के दौरान राज्य सरकार ने यह मांग रखी कि गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एकिकृत कमान को राज्य सरकार को सौंप दिया जाए।
विज्ञापन
कॉलेज छात्र एम. सनाथोई चानू ने कहा, "हम बिना किसी बाधा के पढ़ना चाहते हैं। हमने सीएम से आग्रह किया है कि वे इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करें।" थौबल में छात्रों ने रैली निकाली, जिसमें उन्होंने राज्य की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता की रक्षा की गारंटी की मांग की। काकचिंग जिले में छात्रों ने प्रदर्शन किया।
डेढ़ साल से जारी है हिंसा
बता दें कि मणिपुर में पिछले डेढ़ साल से ही हिंसा जारी है। दरअसल, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पिछले साल तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
विज्ञापन
सीएम आवास के बाहर भी पहुंचे आक्रोशित छात्र
छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। मणिपुर सरकार ने नौ और दस सितंबर को दो दिन की स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की थी। इसके बावजूद सुबह ही विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र इंफाल की सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने हाल ही में हुए ड्रोन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। बता दें कि राज्य में हुए ड्रोन हमले में दो की मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य घायल भी हुए थे। इस दौरान छात्रों ने 'मणिपुर जिंदाबाद' और 'सभी अक्षम विधायक इस्तीफा दें' के भी नारे लगाए।
विज्ञापन
छात्रों ने की सीएम और राज्यपाल से मुलाकात
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और राज्यपाल एल. आचार्य से भी मुलाकात की। राज्यपाल आचार्य से मिलने के बाद छात्रों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने छह मांग रखी, जिसमें राज्य में हिंसा को रोकने में विफल रहे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और सुरक्षा सलाहकार को पद से हटाना शामिल हैं। रविवार को राज्यपाल के साथ बैठक के दौरान राज्य सरकार ने यह मांग रखी कि गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एकिकृत कमान को राज्य सरकार को सौंप दिया जाए।
विज्ञापन
कॉलेज छात्र एम. सनाथोई चानू ने कहा, "हम बिना किसी बाधा के पढ़ना चाहते हैं। हमने सीएम से आग्रह किया है कि वे इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करें।" थौबल में छात्रों ने रैली निकाली, जिसमें उन्होंने राज्य की क्षेत्रीय और प्रशासनिक अखंडता की रक्षा की गारंटी की मांग की। काकचिंग जिले में छात्रों ने प्रदर्शन किया।
डेढ़ साल से जारी है हिंसा
बता दें कि मणिपुर में पिछले डेढ़ साल से ही हिंसा जारी है। दरअसल, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पिछले साल तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।