{"_id":"6ad5332190329e5cfb05cd97","slug":"bengal-cm-hints-at-scrapping-vip-gates-at-durga-puja-pandals-after-kolkata-stampede-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: कोलकाता भगदड़ के बाद दुर्गा पूजा पंडालों से हट सकते हैं वीआईपी गेट, मुख्यमंत्री ने दिए संकेत; क्या कहा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: कोलकाता भगदड़ के बाद दुर्गा पूजा पंडालों से हट सकते हैं वीआईपी गेट, मुख्यमंत्री ने दिए संकेत; क्या कहा?
Mon, 19 Oct 2026 02:31 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 19 Oct 2026 02:31 AM IST
सार
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वीआईपी गेट हटाने और अलग कतारें खत्म करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने क्या संकेत दिए? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
विज्ञापन
दुर्गा पूजा पंडालों में अब नहीं मिलेगी वीआईपी एंट्री?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि सरकार दुर्गा पूजा पंडालों में वीआईपी गेट हटाने पर विचार कर सकती है। उन्होंने प्रवेश और बाहर निकलने की स्पष्ट व्यवस्था करने की जरूरत पर जोर दिया। कोलकाता में भगदड़ में कई लोगों की मौत के बाद उन्होंने यह बात कही।
पूजा समितियां, खासकर अधिक लोकप्रिय और बड़े बजट वाले पंडालों की समितियां, भीड़ अधिक होने के समय विशेष प्रवेश की सुविधा देती हैं। इसके लिए वीआईपी गेट से प्रवेश की व्यवस्था की जाती है। इस सुविधा के लिए लोगों से पैसे भी लिए जाते हैं।
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही। शनिवार रात बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों की पूजा समितियों के साथ 26 अक्तूबर को विजय सम्मेलनी का आयोजन किया जाएगा। इस बार इसका आयोजन सादगी से होगा। विजय सम्मेलनी पूजा के बाद होने वाला पारंपरिक सांस्कृतिक मिलन समारोह है।
उन्होंने यहां राज्य पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि इस साल के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। ऐसी त्रासदियों को दोबारा होने से रोकने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों पर भी विचार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगदड़ में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये का चेक दिया जाएगा। यह चेक समारोह के दौरान सौंपा जाएगा।
अधिकारी ने कहा, शनिवार की घटना के तुरंत बाद एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम का नेतृत्व राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव करेंगे। इसमें दमकल सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और विशेष कार्य बल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जावेद शमीम भी शामिल हैं।
उन्होंने शनिवार देर रात इस टीम के गठन का निर्देश दिया था। टीम को कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में व्यवस्थाओं की कमियों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
टीम के काम के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बैठक चलने के दौरान ही टीम ने काम शुरू कर दिया। यह शहर के सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। मौके पर ही जरूरी फैसले लिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आने वाले लोगों की संख्या नियंत्रित की जाएगी। वीआईपी लोगों के लिए अलग कतारें नहीं होंगी।
ये भी पढ़ें: मणिपुर हिंसा: 24 घंटे में 28 घर जलाए; नागा और कुकी बस्तियों पर हमला, जंगलों में भागे लोग; क्या है पूरा मामला?
उन्होंने कहा कि जिलों में थानों के प्रभारी अधिकारियों और निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों के पूजा पंडालों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें भीड़ प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने होंगे। पूजा समितियों को इन नियमों का सख्ती से पालन भी कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, उनके काम में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। अधिकारी ने बताया कि वह रविवार शाम कोलकाता पुलिस मुख्यालय के यातायात नियंत्रण कक्ष में मौजूद रहेंगे। वहां से वह पूरे शहर में भीड़ की आवाजाही पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा, मैं चीजों को अपनी आंखों से देखना चाहता हूं, दूसरों से सुनकर नहीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगदड़ में मारे गए 19 लोगों में से एक बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला था। बाकी सभी पश्चिम बंगाल के निवासी थे। उन्होंने कहा, मृतकों के शव उनके शोकाकुल परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। ये अधिकारी अंतिम संस्कार पूरा होने तक परिवारों के साथ रहेंगे।
विज्ञापन
पूजा समितियां, खासकर अधिक लोकप्रिय और बड़े बजट वाले पंडालों की समितियां, भीड़ अधिक होने के समय विशेष प्रवेश की सुविधा देती हैं। इसके लिए वीआईपी गेट से प्रवेश की व्यवस्था की जाती है। इस सुविधा के लिए लोगों से पैसे भी लिए जाते हैं।
विज्ञापन
उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही। शनिवार रात बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों की पूजा समितियों के साथ 26 अक्तूबर को विजय सम्मेलनी का आयोजन किया जाएगा। इस बार इसका आयोजन सादगी से होगा। विजय सम्मेलनी पूजा के बाद होने वाला पारंपरिक सांस्कृतिक मिलन समारोह है।
उन्होंने यहां राज्य पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि इस साल के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। ऐसी त्रासदियों को दोबारा होने से रोकने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों पर भी विचार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगदड़ में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये का चेक दिया जाएगा। यह चेक समारोह के दौरान सौंपा जाएगा।
अधिकारी ने कहा, शनिवार की घटना के तुरंत बाद एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम का नेतृत्व राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव करेंगे। इसमें दमकल सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और विशेष कार्य बल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जावेद शमीम भी शामिल हैं।
उन्होंने शनिवार देर रात इस टीम के गठन का निर्देश दिया था। टीम को कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में व्यवस्थाओं की कमियों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
टीम के काम के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बैठक चलने के दौरान ही टीम ने काम शुरू कर दिया। यह शहर के सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। मौके पर ही जरूरी फैसले लिए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आने वाले लोगों की संख्या नियंत्रित की जाएगी। वीआईपी लोगों के लिए अलग कतारें नहीं होंगी।
ये भी पढ़ें: मणिपुर हिंसा: 24 घंटे में 28 घर जलाए; नागा और कुकी बस्तियों पर हमला, जंगलों में भागे लोग; क्या है पूरा मामला?
उन्होंने कहा कि जिलों में थानों के प्रभारी अधिकारियों और निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों के पूजा पंडालों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें भीड़ प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने होंगे। पूजा समितियों को इन नियमों का सख्ती से पालन भी कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, उनके काम में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। अधिकारी ने बताया कि वह रविवार शाम कोलकाता पुलिस मुख्यालय के यातायात नियंत्रण कक्ष में मौजूद रहेंगे। वहां से वह पूरे शहर में भीड़ की आवाजाही पर नजर रखेंगे। उन्होंने कहा, मैं चीजों को अपनी आंखों से देखना चाहता हूं, दूसरों से सुनकर नहीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगदड़ में मारे गए 19 लोगों में से एक बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला था। बाकी सभी पश्चिम बंगाल के निवासी थे। उन्होंने कहा, मृतकों के शव उनके शोकाकुल परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। ये अधिकारी अंतिम संस्कार पूरा होने तक परिवारों के साथ रहेंगे।