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मणिपुर शांति समिति: कुकी नाखुश, बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं; मैतई ने कदम का किया स्वागत

Tue, 13 Jun 2023 03:32 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 13 Jun 2023 03:32 PM IST
सार

कुकी इंपी मणिपुर (किम) नाम की शीर्ष संस्था ने एक बयान में कहा कि उसके अध्यक्ष को 'बिना पूर्व उचित परामर्श और सूचना के' सदस्यों की सूची में शामिल किया गया है।

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Manipur peace panel: Kukis unhappy, may not attend meetings; Meiteis welcome move
Manipur violence - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हिंसाग्रस्त मणिपुर के विभिन्न जातीय समूहों के बीच शांति प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए केंद्र द्वारा गठित समिति में शामिल कुकी समुदाय के सदस्यों ने नाखुशी जाहिर की है। उनका दावा है कि समिति में उनका नाम शामिल करने से पहले उनसे सलाह नहीं ली गई। राज्यपाल अनुसुईया उइके की अध्यक्षता वाली 51-सदस्यीय समिति में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को शामिल किए जाने पर कई कुकी संगठनों ने भी आपत्ति जताई। हालांकि, मैतई समुदाय के सदस्यों ने शांति समिति के गठन का स्वागत किया।  

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कुकी समुदाय की शीर्ष संस्था ने क्या कहा?
कुकी इंपी मणिपुर (किम) नाम की शीर्ष संस्था ने एक बयान में कहा कि उसके अध्यक्ष को 'बिना पूर्व उचित परामर्श और सूचना के' सदस्यों की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, 'उन लोगों के साथ शांति कायम करने का कोई औचित्य नहीं है जिन्होंने उसके लोगों के खिलाफ हिंसा की है...शांति केंद्रीय गृह मंत्रालय और प्रभावित समुदायों के ठोस प्रयासों का परिणाम होना चाहिए। यह सामान्य स्थिति लागू करने की शर्त नहीं हो सकती।



 
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आईटीएलएफ ने की मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को शामिल करने की निंदा
नागरिक समाज संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने भी समिति में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को शामिल किए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा, इस तरह की शांति समिति का गठन केंद्र सरकार द्वारा कुकी-आदिवासी गांवों के लिए सामान्य स्थिति और सुरक्षा की स्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही किया जाना चाहिए। एक अन्य संगठन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (कोकोमी) ने कहा कि जब तक अवैध प्रवासियों और उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने की लोगों की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक शांति और सामान्य स्थिति दूर की कौड़ी बनी रहेगी।

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कुकी सदस्यों के बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं
कोकोमी के संयोजक जितेंद्र निंगोंबा ने एक बयान में कहा, 'चूंकि भारत सरकार ने इन मांगों की अनदेखी की है, इसलिए कोकोमी शांति समिति से दूर रहेगा। कुकी समुदाय के कई सूत्रों ने दावा किया कि समिति में उसके सदस्यों के बैठकों में शामिल होने की संभावना नहीं है। हालांकि, समिति में शामिल मैतई के कई सदस्यों ने इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, भारी नुकसान और हताहत हुए हैं। भाइयों के बीच लड़ाई को जल्द से जल्द हल किया जाना चाहिए। 

शांति समिति में कौन-कौन लोग शामिल?
बार काउंसिल ऑफ मणिपुर के अध्यक्ष सारंगथेन ब्रजबिहारी ने कहा, 'कदम दर कदम समाधान खोजा जाना चाहिए और समिति का गठन शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में पहला कदम है। ऑल इंडिया रेडियो के सेवानिवृत्त समाचार संपादक बीबी शर्मा ने कहा कि सदस्यों को समिति के एजेंडे के बारे में सूचित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, 'मुझे सूचित किया गया है कि पहली बैठक 15 जून को दोपहर दो बजे राजभवन में होगी। मैं निश्चित रूप से जाऊंगा।' समिति में मेइतेई समुदाय के 25 प्रतिनिधि, कुकी समुदाय के 11 और नगा समुदाय के 20 प्रतिनिधि हैं, जिसके अध्यक्ष के रूप में राज्यपाल अनुसुईया उइके हैं। मुस्लिम समुदाय से तीन और नेपाली समुदाय से दो लोगों को भी समिति में शामिल किया गया है।  

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