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Manipur: मणिपुर में 27 तरह के घातक हथियारों से लैस हैं उग्रवादी, सुरक्षाबलों के लिए इनसे निपटना चुनौती

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 11 Jun 2026 05:38 AM IST
सार

मणिपुर में उग्रवादियों पर चौतरफा हमले की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए विभिन्न सुरक्षाबल इकाई का एक ग्रिड बनाया जा रहा है। हालांकि सुरक्षाबलों के लिए उग्रवादियों को आधुनिक हथियार एक बड़ी चुनौती हैं। 

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manipur militants had 27 types of advanced weapons challenge for security forces
मणिपुर में तैनात सीआरपीएफ के जवान। (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

मणिपुर में जातीय हिंसा अब भी जारी है। राज्य में उग्रवादियों के पास 27 तरह के 10 हजार से अधिक खतरनाक हथियार मौजूद है, जो सुरक्षाबलों के सामने बड़ी चुनौती बने हैं। इन हथियारों में उग्रवादियों के पास एके सीरीज राइफल, मोर्टार, आरपीजी लॉन्चर, पोर्टेबल एंटी ड्रोन जैमर, 7.62 एमएम एसएलआर राइफल, 5.56 एमएम इंसास राइफल, एमपी-5 सबमशीन गन, अमोघ राइफल, स्नाइपर राइफल जैसे आधुनिक हथियार शामिल हैं। सुरक्षाबलों की पहली प्राथमिकता इन अवैध हथियारों को बरामद करना है।
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अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के पास अवैध हथियार हैं, उनसे आत्मसमर्पण करने को कहा गया है। अगर कोई हथियार नहीं सौंपता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षाबल अगले कुछ दिनों में पूरे राज्य में एक विशेष सुरक्षा ग्रिड तैयार कर रहे हैं। इसके बाद अलग-अलग इलाकों में एक साथ अभियान चलाकर अवैध हथियार रखने वालों और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी।
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मणिपुर में सीआरपीएफ की दो कोबरा बटालियन को भेजा गया है। कोबरा जवानों को स्थानीय स्तर पर कार्रवाई का तरीका, माहौल और नियमों से अवगत कराया जा रहा है। उन्हें लोकल उग्रवादी समूह, ड्रग्स व हथियार माफिया, छिपने की जगह, राज्य के अंदर और सीमा पार से मिलने वाली सहायता, सप्लाई चेन का रूट और वहां की भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है।
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उपद्रवियों पर होगा चौतरफा वार
मणिपुर में असम राइफल, सीआरपीएफ और इसकी विशेष इकाई कोबरा, बीएसएफ, लोकल पुलिस व दूसरे सुरक्षाबलों को मिलाकर एक ग्रिड तैयार किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई काफी हद तक उसी तरीके से होगी, जिस तरह नक्सलवाद को खत्म किया गया है। हालांकि मणिपुर में उपद्रवियों की सप्लाई चेन काटना उतना आसान नहीं है। वजह, मणिपुर में म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा है। यहां सीमा पर बाड़बंदी (फेंसिंग) भी नहीं है।


हथियारबंद उग्रवादी बड़ी समस्या
हाल ही में मणिपुर दौरे पर पहुंचे सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने कहा था कि यहां पर दो तरह की समस्या हैं। पहली, हथियार वाले उग्रवादी। वे चाहे किसी सरेंडर समूह के सदस्य हों या फिर सक्रिय उग्रवादी। वे हथियारों का नाजायज उपयोग कर रहे हैं। दूसरा, उन्हीं से संबंधित कानून व्यवस्था का विषय है। ऐसे में हमारे सुरक्षा बलों को सूक्ष्म तरीके से रणनीति बनाकर इन दोनों पर प्रहार करना होगा।
 
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