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मणिपुर बंधक मामला: सीएम ने की तनाव कम करने की अपील, कहा- शांति बहाल करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही सरकार
Tue, 19 May 2026 09:01 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, इंफाल।
पीटीआई, इंफाल।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 19 May 2026 09:01 PM IST
सार
मणिपुर में अपहरण और बंधक बनाए जाने की घटनाओं के बाद बढ़े तनाव के बीच मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा कि सरकार हालात सामान्य करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। लियांगमई नगा समुदाय ने सीएम से छह लापता लोगों को सुरक्षित छुड़ाने की मांग की है, जबकि पुलिस और सीआरपीएफ उनकी तलाश में अभियान चला रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
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मणिपुर के सीएम युमनाम खेमचंद सिंह
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई फाइल
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विस्तार
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी जिलों में कई लोगों के अपहरण के बाद पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल को शांत करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने यह बात लियांगमई नगा समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से समुदाय के छह लोगों को सुरक्षित छुड़ाने की अपील की, जिनका कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था।
क्या हुआ था मामला?
कांगपोकपी और सेनापति जिलों में 13 मई को 38 से ज्यादा लोगों का हथियारबंद समूहों ने अपहरण कर लिया था और उन्हें बंधक बना लिया था। यह घटना चर्च से जुड़े तीन लोगों की घात लगाकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 31 लोगों को पहले ही रिहा किया जा चुका है। लेकिन अभी भी कई लोगों के बंधक होने की आशंका जताई जा रही है।
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सीएम से मिला लियांगमई नगा समुदाय का प्रतिनिधिमंडल
बयान के अनुसार, लियांगमई नगा परिषद और लियांगमई नगा महिला संघ ने मुख्यमंत्री सचिवालय में वाई खेमचंद सिंह से मुलाकात की और छह लापता लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की। इन छह लोगों में एक पादरी भी शामिल है, जिनका 13 मई को कांगपोकपी जिले से अज्ञात हथियारबंद लोगों ने अपहरण कर लिया था।
लियांगमई समुदाय के एक नेता ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर छह लोग मारे भी गए हों तो उनके शव परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए जाएं। ये छह लोग कोंसाखुल गांव के रहने वाले हैं। जनजातीय नेताओं ने यह भी मांग की कि कांगपोकपी जिले के संवेदनशील लियांगमई गांवों में पुलिस बल तैनात किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पुलिस और केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान संदिग्ध इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि छह लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील
शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने और इलाके में शांति बहाल करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने सभी समुदायों से हिंसा छोड़ने और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार का सहयोग करने की अपील की।
ये भी पढ़ें: 'कर्नाटक का शासन मॉडल गुजरात के खोखले विकास मॉडल से बेहतर', सीएम सिद्धारमैया ने भाजपा पर साधा निशाना
हालांकि, 'कुकी इन्पी मणिपुर' ने दावा किया कि समुदाय के 14 लोग अभी भी बंधक बनाए गए हैं।
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू हुई थी। इसमें अब तक कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
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मुख्यमंत्री ने यह बात लियांगमई नगा समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से समुदाय के छह लोगों को सुरक्षित छुड़ाने की अपील की, जिनका कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था।
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क्या हुआ था मामला?
कांगपोकपी और सेनापति जिलों में 13 मई को 38 से ज्यादा लोगों का हथियारबंद समूहों ने अपहरण कर लिया था और उन्हें बंधक बना लिया था। यह घटना चर्च से जुड़े तीन लोगों की घात लगाकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 31 लोगों को पहले ही रिहा किया जा चुका है। लेकिन अभी भी कई लोगों के बंधक होने की आशंका जताई जा रही है।
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सीएम से मिला लियांगमई नगा समुदाय का प्रतिनिधिमंडल
बयान के अनुसार, लियांगमई नगा परिषद और लियांगमई नगा महिला संघ ने मुख्यमंत्री सचिवालय में वाई खेमचंद सिंह से मुलाकात की और छह लापता लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की। इन छह लोगों में एक पादरी भी शामिल है, जिनका 13 मई को कांगपोकपी जिले से अज्ञात हथियारबंद लोगों ने अपहरण कर लिया था।
लियांगमई समुदाय के एक नेता ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर छह लोग मारे भी गए हों तो उनके शव परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए जाएं। ये छह लोग कोंसाखुल गांव के रहने वाले हैं। जनजातीय नेताओं ने यह भी मांग की कि कांगपोकपी जिले के संवेदनशील लियांगमई गांवों में पुलिस बल तैनात किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पुलिस और केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान संदिग्ध इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि छह लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील
शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने और इलाके में शांति बहाल करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने सभी समुदायों से हिंसा छोड़ने और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार का सहयोग करने की अपील की।
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हालांकि, 'कुकी इन्पी मणिपुर' ने दावा किया कि समुदाय के 14 लोग अभी भी बंधक बनाए गए हैं।
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू हुई थी। इसमें अब तक कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।