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Manipur: भारत-म्यांमार सीमावर्ती शहर पहुंचे गृहमंत्री, बोले- सरकार की पहल को मिल रहा लोगों समर्थन

Wed, 31 May 2023 03:18 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 31 May 2023 03:18 PM IST
सार

Manipur: गृहमंत्री ने बुधवार को सीमावर्ती कस्बे में सुरक्षा समीक्षा बैठक भी की। शाह ने ट्वीट किया, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मोरेह (मणिपुर) में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। मोरेह में कुकी और अन्य समुदायों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। उन्होंने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सरकार की पहल के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया किया...

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Manipur: Home Minister reaches India-Myanmar border town, meets civil society groups, cookies and victims
Amit Shah meet with delegations of Kuki and other communities at Moreh - फोटो : Agency

विस्तार

हिंसाग्रस्त मणिपुर यात्रा के तीसरे दिन बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए सरकार की पहल को लोगों का मजबूत समर्थन व्यक्त किया है। लोग भी चाहते हैं कि राज्य में शांति आए। लोगों का जीवन फिर से सामान्य हो। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को भारत-म्यांमार के सीमावर्ती शहर मोरेह का दौरा किया। इस दौरान राज्य में सामान्य स्थिति और शांति बहाल करने के लिए मोरेह और टेंग्नौपाल के संयुक्त नागरिक समाज संगठनों के नेताओं के साथ मुलाकात की। मुलाकात के कुकी छात्र संगठन (केएसओ) ने दावा किया है कि गृहमंत्री ने मोरेह से पुलिस कमांडो को वापस बुलाने, मेडिकल सुविधा के लिए गुवाहाटी और आईजोल हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का वादा किया है। यह बैठक मोरेह में 5वीं असम राइफल्स मुख्यालय में सुबह हुई। इस दौरान अलग प्रशासन की अपनी मांग को दोहराते हुए, सीएसओ ने अमित शाह को आठ सूत्री मांग पत्र के साथ एक ज्ञापन सौंपा। गृहमंत्री अमित शाह ने मोरेह बैठक में सभी से खुद को अल्पसंख्यक नहीं मानने का आग्रह किया।

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गृहमंत्री ने बुधवार को सीमावर्ती कस्बे में सुरक्षा समीक्षा बैठक भी की। शाह ने ट्वीट किया, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मोरेह (मणिपुर) में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। मोरेह में कुकी और अन्य समुदायों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। उन्होंने मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सरकार की पहल के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया किया।

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अलग प्रशासन की मांग उठाई

बैठक में आदिवासियों और कुकी ने अपनी मांगें उठाईं। उन्होंने अलग प्रशासन, मोरेह से मणिपुर पुलिस कमांडो की तत्काल वापसी, मैतेई कट्टरपंथी समूहों अरामबाई तेंगगोल और मेइतेई लीपुन को गैरकानूनी संगठन घोषित करना, इंफाल में वर्तमान संघर्ष से संबंधित अदालती सुनवाई को रोकना और हेलिकॉप्टर सेवा की व्यवस्था करना शामिल है। उन्होंने गृहमंत्री के सामने मोरेह से आइजोल और गुवाहाटी, मोरेह में निर्बाध दूरसंचार सेवाएं सुनिश्चित करने, आवश्यक वस्तुओं की सुरक्षित आपूर्ति के लिए परिवहन की व्यवस्था करने और केंद्र से सीधे मोरेह तक राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में गृहमंत्री ने सभी की बातों को ध्यान से सुना। केएसओ ने बैठक के बाद दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोरेह से पुलिस कमांडो को वापस लेने का आश्वासन दिया है। सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री ने समुदाय से हीन महसूस न करने या खुद को अल्पसंख्यक न मानने का आग्रह किया। जानकारी के मुताबिक गृहमंत्री ने शुक्रवार (2 जून) से मेडिकल सुविधा के लिए मोरेह से आइजोल और गुवाहाटी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा की व्यवस्था करने का वादा किया है। गृहमंत्री ने मणिपुर सरकार द्वारा प्रदान की गई राहत के अलावा मोरेह और चुराचंदपुर को 30,000 मीट्रिक टन चावल प्रदान करने का भी आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान, शाह ने मोरेह और तेंगनौपाल में जनता से शांति बनाए रखने और मणिपुर में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति और शांति लाने के लिए किसी भी अवांछित गतिविधियों में शामिल नहीं होने का आग्रह किया है।

संयुक्त सीएसओ बैठक में ये संगठन शामिल हुए

जानकारी के मुताबिक संयुक्त सीएसओ बैठक में हिल ट्राइबल काउंसिल ऑफ मोरेह, कुकी चीफ्स एसोसिएशन ऑफ टेंग्नौपाल, केएसओ टेंग्नौपाल, मोरेह यूथ क्लब, कुकी वूमेन फॉर ह्यूमन राइट्स, मणिपुरी मुस्लिम काउंसिल मोरेह, नेपाली गोरखा समाज देव समिति मोरेह और तमिल संगम मोरेह शामिल हुए।

छात्र बोले- चुराचांदपुर जाने में लगता है डर

मणिपुर घाटी से चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों ने कहा है कि वे अब अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वहां लौटने में सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। जब हिंसा शुरू हुई तब उपद्रवियों ने कॉलेज हॉस्टल में धावा बोल दिया था। सरकार से छात्रों ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।

मणिपुर प्रेस क्लब में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए, एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ठोकचोम मंगल मैतेई ने कहा, इस महीने की शुरुआत में जिले में जब हिंसा भड़की, तब उनको बहुत दर्दनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ा था। उस दिन को याद करके वे सिहर उठते हैं। उनको नहीं लगता कि वे दोवारा वहां जाने की हिम्मत कर पाएंगे।

उन्होंने कहा, भीड़ और हथियारबंद बदमाशों ने मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में भी धावा बोल दिया। मोबाइल फोन और अन्य सामान ले गए। सशस्त्र बदमाशों द्वारा 70 से अधिक मोबाइल फोन ले लिए गए और अभी तक छात्रों को वापस नहीं किए गए हैं। उन्होंने छात्रों की ओर से सुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने की इच्छा जताते हुए सरकार से अपील की कि उनके करियर को जोखिम में न डालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

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