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मणिपुर: पीएम मोदी के दौरे से पहले कुकी-जो समूहों के साथ शांति समझौता,राष्ट्रीय राजमार्ग-2 खोलने पर भी सहमति
Thu, 04 Sep 2025 02:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 04 Sep 2025 02:23 PM IST
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केंद्रीय गृह मंत्रालय
- फोटो : ANI
हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति की राह प्रशस्त होती दिख रही है। इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए केंद्र और मणिपुर सरकार ने बृहस्पतिवार को दो कुकी-जो समूहों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत सभी पक्षों ने मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने, राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को मुक्त आवागमन के लिए खोलने व उग्रवादी शिविरों को स्थानांतरित करने पर सहमति जताई। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह संभावित मणिपुर यात्रा से पहले उठाया गया है। मई 2023 में मैतेई और कुकी के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी।
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केएनओ और यूपीएफ के प्रतिनिधियों ने की वार्ता
गृह मंत्रालय, मणिपुर सरकार और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली में अहम बैठक हुई। इस दौरान त्रिपक्षीय सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते में बुनियादी नियमों पर फिर से बातचीत की गई। मणिपुर को नगालैंड और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा एनएच-2 मई, 2023 में राज्य में भड़की जातीय हिंसा के बीच अवरुद्ध हो गई थी। इस पर माल और वाहनों की आवाजाही न होने से मणिपुर के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। गृह मंत्रालय ने कहा, कुकी-जो परिषद ने एनएच-2 पर शांति बनाए रखने के लिए भारत सरकार की ओर से तैनात सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है।
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इस बात पर भी सहमति
तीनों पक्षों ने मणिपुर में स्थायी शांति और स्थिरता लाने के लिए निर्धारित शिविरों की संख्या को कम करने, हथियारों को निकटतम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)-सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) शिविरों में सौंपने और विदेशी नागरिकों (यदि कोई हो) को सूची से हटाने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से उग्रवादियों के कड़े भौतिक सत्यापन पर भी सहमति व्यक्त की।
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संयुक्त निगरानी समूह उल्लंघन करने पर सख्ती से निपटेगा
गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, एक संयुक्त निगरानी समूह आधारभूत नियमों के प्रवर्तन पर बारीकी से नजर रखेगा और भविष्य में उल्लंघनों से सख्ती से निपटेगा। साथ ही एसओओ समझौते की समीक्षा भी करेगा।
मणिपुर: चुराचांदपुर में वीवीआईपी दौरे से पहले ‘नो ड्रोन जोन’ घोषित
वहीं दूसरी ओर मणिपुर के चुराचांदपुर जिले को आगामी वीवीआईपी दौरे से पहले कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट धरुन ने गुरुवार को आदेश जारी कर पूरे ज़िले में ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी), गुब्बारे और अन्य उड़ने वाले उपकरणों के उपयोग पर रोक लगा दी है।नयह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), की धारा 163 के तहत जारी किया गया है, ताकि वीवीआईपी दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती से निपटा जा सके। केवल सरकारी अनुमति प्राप्त उपकरण ही ज़िले में संचालित हो सकेंगे। जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति हवाई फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी से सुरक्षा इंतज़ामों में सेंध लग सकती है, इसलिए तुरंत रोकथाम की कार्रवाई आवश्यक है। उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 समेत अन्य लागू प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। यह निर्देश गुरुवार से प्रभावी हो गया है और अगले आदेश तक लागू रहेगा।
कुकी-जो संगठनों से हुए समझौते की नींव हमने रखी थी : कांग्रेस
केंद्र सरकार और मणिपुर के दो प्रमुख कुकी-जो संगठनों, कुकी नेशनल ऑर्गेनाइजेशन (केएनओ) और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) के बीच बृहस्पतिवार को निलंबन समझौता (एसओओ) दोबारा होने का श्रेय कांग्रेस ने लिया है। पार्टी ने कहा कि दोनों संगठनो के बीच समझौते की नींव उसकी सरकार ने 2005 में ही रख दी थी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि एसओओ समझौता पहली बार 1 अगस्त, 2005 को लागू हुआ और 22 अगस्त 2008 को औपचारिक रूप से साइन किया गया। इसे फरवरी 2024 में समाप्त होने दिया गया, जबकि भाजपा नेताओं ने उस समय इस समझौते की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा इसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मणिपुर यात्रा से जोड़कर प्रचारित कर रही है।