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मणिपुर: राज्यपाल ने CRPF को राज्य में शांति बहाल करने का दिया निर्देश; कुकी-जोमी विधायकों ने PM से की ये मांग

Thu, 17 Aug 2023 11:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 17 Aug 2023 11:17 PM IST
सार

मणिपुर और नगालैंड सेक्टर के सीआरपीएफ आईजी ने गुरुवार को इंफाल के राजभवन में राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की। सीआरपीएफ आईजी ने मणिपुर के राज्यपाल को राज्य की सुरक्षा स्थिति से भी अवगत कराया।

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Manipur Governor Anusuiya Uikey directed CRPF Inspector General Sandeep Dutta to restore peace in the state
अनुसुइया उइके - फोटो : ANI

विस्तार

मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने गुरुवार को सीआरपीएफ (मणिपुर और नागालैंड सेक्टर) के महानिरीक्षक संदीप दत्ता को राज्य में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उपाय शुरू करने का निर्देश दिया। मणिपुर के राज्यपाल ने राज्य के आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के लिए भी मदद और सहायता की मांग की है। इस बीच, दस कुकी-जोमी विधायकों ने पहाड़ी जिलों के लिए 'अलग मुख्य सचिव, डीजीपी' की मांग की है। 

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सीआरपीएफ आईजी ने राज्यपाल से की मुलाकात
बता दें कि मणिपुर और नगालैंड सेक्टर के सीआरपीएफ आईजी ने गुरुवार को इंफाल के राजभवन में राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की। सीआरपीएफ आईजी ने मणिपुर के राज्यपाल को राज्य की सुरक्षा स्थिति से भी अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए अर्धसैनिक बल द्वारा उठाए गए सुरक्षा उपायों से के बारे में भी जानकारी दी। 
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बता दें कि संघर्षग्रस्त मणिपुर के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सीआरपीएफ कंपनियों और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात किया जा रहा है।

कुकी-जोमी विधायकों ने पहाड़ी जिलों के लिए 'अलग मुख्य सचिव, डीजीपी' की मांग की
इस बीच, संघर्षग्रस्त मणिपुर के दस कुकी-जोमी विधायकों ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र में उन्होंने राज्य के पहाड़ी जिलों के लिए अलग डीजीपी और मुख्य सचिव सहित नौ मांग की है। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि अगर अलग डीजीपी और मुख्य सचिव की पोस्टिंग नहीं हो सकती है तो इन पदों के समकक्ष पद सृजित किया जाए।  
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गौरतलब है कि इन विधायकों ने पहले आदिवासियों के लिए 'अलग प्रशासन' की मांग की थी। मणिपुर में पांच पहाड़ी जिले हैं इनमें सेनापति, तमेंगलोंग, चुराचांदपुर, चंदेल और उखरुल शामिल है।  इसके अलावा, मणिपुर के दस कुकी-जोमी विधायकों ने राज्य में जातीय हिंसा से प्रभावित आदिवासी लोगों के पुनर्वास के लिए प्रधान मंत्री राहत कोष से 500 करोड़ रुपये की मंजूरी की मांग की है।


इन दस कुकी-ज़ोमी विधायकों में सैतु विधायक हाओखोलेट किपगेन, तेंगनौपाल विधायक लेटपाओ हाओकिप, चुरचांदपुर विधायक एलएम खौटे, कांगपोकपी विधायक नेमचा किपगेन, टिपाईमुख विधायक नगुरसंगलुर सनाटे, सैकोट विधायक पाओलीनलाल हाओकिप, सिंघाट विधायक चिनलुनथांग, हेंगलेप विधायक लेटज़मांग हाओकिप, सैकुल विधायक किम्नेओ हाओकिप हैंगशिंग और थानलॉन विधायक वुंगज़ागिन वाल्टे शामिल हैं। 

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