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Manipur: शुक्रवार को घोषित की थी सरकारी छुट्टी, छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
Tue, 31 Oct 2023 03:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 31 Oct 2023 03:25 PM IST
सार
सोशल मीडिया पर इस नोटिस के वायरल होने के बाद मणिपुर सरकार हरकत में आई और उसने इस नोटिस को अवैध बताकर खारिज कर दिया। इसके बाद चुराचांदपुर पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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मणिपुर
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर जिले के एक छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दरअसल छात्र संगठन के इन सदस्यों पर आरोप है कि इन्होंने बीते दिनों जिले में सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों की सार्वजनिक छुट्टी शुक्रवार के दिन करने की घोषणा कर दी थी। मणिपुर सरकार ने नोटिस जारी कर इस एलान को खारिज कर दिया और इस घोषणा को अवैध बताया। अब मणिपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि चुराचांदपुर के जॉइंट स्टूडेंट बॉडी नामक छात्र संगठन ने एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस में चुराचांदपुर जिले के कई संस्थानों और जगहों का नाम बदल दिया गया और हर शुक्रवार को सरकारी छुट्टी का एलान किया गया। सोशल मीडिया पर इस नोटिस के वायरल होने के बाद मणिपुर सरकार हरकत में आई और उसने इस नोटिस को अवैध बताकर खारिज कर दिया। इसके बाद चुराचांदपुर पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
राज्य सरकार ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे संदेश फैलाना सांप्रदायिक सद्भाव, आंतरिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण सहभागिता के लिए खतरनाक हैं। बता दें कि मणिपुर में बीती 3 मई को मैतई समुदाय को जनजातीय आरक्षण देने के विरोध में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में अब तक राज्य में 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं। राज्य में मैतई समुदाय की आबादी 53 फीसदी है और वह आमतौर पर मणिपुर के मैदानी इलाकों में रहती है। वहीं कुकी और नगा जनजाति राज्य की कुल आबादी की 40 प्रतिशत हैं, जो आमतौर पर राज्य के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं।
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बता दें कि चुराचांदपुर के जॉइंट स्टूडेंट बॉडी नामक छात्र संगठन ने एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस में चुराचांदपुर जिले के कई संस्थानों और जगहों का नाम बदल दिया गया और हर शुक्रवार को सरकारी छुट्टी का एलान किया गया। सोशल मीडिया पर इस नोटिस के वायरल होने के बाद मणिपुर सरकार हरकत में आई और उसने इस नोटिस को अवैध बताकर खारिज कर दिया। इसके बाद चुराचांदपुर पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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राज्य सरकार ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे संदेश फैलाना सांप्रदायिक सद्भाव, आंतरिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण सहभागिता के लिए खतरनाक हैं। बता दें कि मणिपुर में बीती 3 मई को मैतई समुदाय को जनजातीय आरक्षण देने के विरोध में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में अब तक राज्य में 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं। राज्य में मैतई समुदाय की आबादी 53 फीसदी है और वह आमतौर पर मणिपुर के मैदानी इलाकों में रहती है। वहीं कुकी और नगा जनजाति राज्य की कुल आबादी की 40 प्रतिशत हैं, जो आमतौर पर राज्य के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं।
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