फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur: Dormant terror groups becoming active and stoking tension

Manipur Violence: राज्य में निष्क्रिय आतंकी समूह फिर हो रहे सक्रिय, सुरक्षा एजेंसियों ने दी ये चेतावनी

Mon, 11 Sep 2023 06:44 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/इंफाल Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 11 Sep 2023 06:44 PM IST
सार

मणिपुर में विरोध प्रदर्शनों में प्रतिबंधित गुटों के उग्रवादियों के सक्रिय होने को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में सैन्य अधिकारी पर गोली चलाने वाली भीड़ में प्रतिबंधित गुटों के उग्रवादी भी शामिल थे। 

विज्ञापन
Manipur: Dormant terror groups becoming active and stoking tension
मणिपुर में हिंसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा के बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अधिकारियों ने दावा किया है कि राज्य में निष्क्रिय आतंकी समूह फिर से सक्रिय हो रहे हैं। इसके कारण तनाव बढ़ गया है। साथ ही केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने अशांत मणिपुर राज्य में तनाव फैलाने के लिए किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ में आतंकवादियों के शामिल होने की संभावना के बारे में भी चेतावनी दी है।

विज्ञापन


अधिकारियों की यह चेतावनी बीते सप्ताह सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के घायल होने के बाद आई है। लेफ्टिनेंट कर्नल मीरा पैबिस (महिला रक्षक) सहित भीड़ के गतिरोध के दौरान घायल हो गए थे। इस भीड़ ने टेंगनौपाल जिले के पलेल के पास मोलनोई गांव में आदिवासियों पर हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि सेना और असम राइफल्स ने उन्हें रोक दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित समूहों यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के आतंकवादी कथित तौर पर इस भीड़ में शामिल थे।  
विज्ञापन


अधिकारियों ने कहा कि घटना की जांच से सुरक्षा एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंचीं कि प्रतिबंधित गुटों के उग्रवादी इस भीड़ का हिस्सा थे। एजेंसियां पिछले कुछ हफ्तों से राज्य में यूएनएलएफ, पीएलए, कांगलेई यावोल कनबा लूप (केवाईकेएल) और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (पीआरईपीएके) जैसे निष्क्रिय प्रतिबंधित गुटों के फिर से सक्रिय होने के बारे में चेतावनी दे रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में यूएनएलएफ के पास कैडर की संख्या 330 है। इसके अलावा पीएलए के पास 300 और केवाईकेएल के पास 25 कैडर हैं, जो बहुसंख्यक समुदाय के समूहों के अंदर सक्रिय हैं। इन प्रतिबंधित गुटों के कैडरों को मिल रहा जबरदस्त समर्थन 24 जून को उस वक्त दिखा जब सेना और असम राइफल्स ने खुफिया जानकारी के आधार पर पूर्वी इंफाल में केवाईकेएल के 12 सदस्यों को पकड़ा। इसमें स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल मोइरांगथेम तम्बा उर्फ उत्तम भी शामिल था। उत्तम 2015 में 6 डोगरा रेजिमेंट पर घात लगाकर किए गए हमले के मास्टरमाइंड में से एक था। इस हमले में सेना के 18 जवान मारे गए थे। यूएनएलएफ अतीत में बड़े पैमाने पर ठेकेदारों और व्यापारियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली में शामिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed