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Sagarika Ghose: 'मणिपुर के सीएम को बंगाल पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं', टीएमसी नेता सागरिका घोष का पलटवार

Fri, 30 Aug 2024 04:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 30 Aug 2024 04:27 PM IST
सार

Sagarika Ghose: टीएमसी नेता सागरिका घोष ने मणिपुर की स्थिति का जिक्र किया और दावा किया हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा, मणिपुर के मुख्यमंत्री के विपरीत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने लगातार दुष्कर्म और हत्या पीड़िता के लिए न्याय को सबसे ऊपर रखा है। 

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Manipur CM has no moral authority to speak on West Bengal situation: TMC's Sagarika Ghose
सागरिका घोष - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता सागरिका घोष ने शुक्रवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की आलोचना की। सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को ठीक से नहीं संभाला। घोष ने कहा कि मणिपुर की स्थिति को देखते हुए सिंह को पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। 

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पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में मणिपुर के मुख्यमंत्री ने अपनी पश्चिम बंगाल की समकक्ष पर आरोप लगाया था कि उन्होंने डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों को सही तरीके से नहीं संभाला। हालांकि, घोष ने मणिपुर की स्थिति का जिक्र किया और दावा किया हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। टीएमसी नेता ने कहा, मणिपुर के मुख्यमंत्री के विपरीत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने लगातार दुष्कर्म और हत्या पीड़िता के लिए न्याय को सबसे ऊपर रखा है। 
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'लोगों को राहत देने में विफल रहे बीरेन सिंह'
उन्होंने कहा, "कोलकाता पुलिस ने इस मामले को चौबीस घटों के भीतर ही सुलझा दिया। जबकि इसके विपरीत मणिपुर में 18 महीने बीत जाने के बाद भी हजारों लोग राहत शिविरों में पीड़ित हैं। जातीय हिंसा में 220 से ज्यादा लोग मारे गए और पुलिस ने महीनों तक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की।" उन्होंने कहा, "मणिपुर के मुख्यमंत्री को पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि वह 18 महीनों में अपने लोगों को उम्मीद और राहत देने में पूरी तरह से विफल रहे हैं। हम महिलाओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। लेकिन भाजपा केवल दुष्कर्म के मामले के साथ ही हिंसक राजनीति करना चाहती है।" 

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने अपने बयान में क्या कहा
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने एक इंटरव्यू में कहा था, एक मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने (ममता बनर्जी) जिस तरह का रवैया दिखाया...शुरुआत में मामले ने सभी को प्रभावित नहीं किया। अस्पताल में एक डॉक्टर से जो हुआ..वह एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने और जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के बाजय ममता बनर्जी रैलियों में जा रहीं थीं।

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