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हिंसा से उबरे मणिपुर में राहत: दिसंबर तक बंद होंगे सभी शिविर, तीन चरणों में होगी विस्थापितों की घर वापसी

Fri, 04 Jul 2025 07:36 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 04 Jul 2025 07:36 PM IST
सार

हिंसा से उबरे मणिपुर से राहत की खबर सामने आ रही है। जहां दो साल पहले शुरू हुए जातिय हिंसा से बेघर हुए हजारों लोगों की घर वापसी की योजना बनकर तैयार हो गई है। इसके तहत दिसंबर तक सभी राहत शिविर बंद करने की योजना बनाई है।

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Manipur chief secy Said Plans to shut relief camps by Dec, resettlement of displaced in 3 phases
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

मणिपुर में दो साल पहले शुरू हुए हिंसा ने राज्यभर की स्थिति को डमाडोल कर दिया। इस हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई। वहीं हजारों लोग बेघर हो गए। ऐसे में अब जाकर मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सभी राहत शिविरों को दिसंबर 2025 तक बंद करने की योजना बना रही है। उन्होंने बताया कि आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपीएस) की घर वापसी तीन चरणों में की जाएगी।

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तीन चरणों में होगी विस्थापितों की वापसी
मामले में मुख्य सचिव ने आगे बताया कि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय (एसएचए) के साथ मिलकर यह योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में वे लोग लौटेंगे जो तुरंत वापस जा सकते हैं। यह प्रक्रिया जुलाई से शुरू हो गई है और अब तक राहत शिविरों में रहने वालों की संख्या 62,000 से घटकर 57,000 हो गई है। वहीं दूसरा चरण अक्तूबर में और तीसरा व अंतिम चरण दिसंबर में होगा। इतना ही नहीं चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों का मूल्यांकन पहले ही किया जा चुका है।
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आर्थिक सहायता का एलान
इसके साथ ही जिन लोगों के घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, उन्हें ₹3.03 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सिंह ने बताया कि लगभग 7,000 लोग ऐसे भी हैं जिनके घर दो साल की उपेक्षा में जर्जर हो गए हैं, उन्हें भी कुछ आर्थिक मदद दी जाएगी। हालांकि, उन्होंने माना कि 8,000 से 10,000 लोग अब भी अपने पुराने घरों में नहीं लौट सकेंगे, खासकर मोरेह, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जैसे क्षेत्रों के लोग। इन्हें रखने के लिए प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाए जा रहे हैं, जिनमें 1,000 नए यूनिट्स का निर्माण जारी है।

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समुदायों के बीच आवाजाही फिर से शुरू होने के संकेत
इसके अलावा मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार और समाजिक संगठनों के बीच बातचीत से हालात सुधर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग खेतों में काम कर रहे हैं, पानी भी साझा कर रहे हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है। कुछ छिटपुट घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन स्थिति सामान्य हो रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इंफाल में नया सिविल सचिवालय और दिल्ली-कोलकाता में मणिपुर भवन बनकर तैयार हैं और इन्हें जल्द उद्घाटन के लिए तैयार किया जा रहा है।

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