मणिपुर: कार्यकर्ता एरेन्ड्रो लीचोम्बम को सुप्रीम कोर्ट से रहात, न्यायालय ने फौरन रिहा करने का दिया आदेश
उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 के उपचार को लेकर भाजपा नेताओं की आलोचना करने पर एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए मणिपुर के राजनीतिक कार्यकर्ता एरेन्ड्रो लीचोम्बम को आज शाम पांच बजे तक रिहा करने का निर्देश दिया है। उन्होनें टिप्पणी की थी कि गोबर और गौमूत्र से कोविड का इलाज नहीं हो सकता।
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सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार (19 जुलाई) को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिए गए मणिपुर के कार्यकर्ता एरेन्ड्रो लीचोम्बम की तत्काल रिहाई का आदेश दिया है। कोविड-19 से भाजपा प्रमुख प्रोफेसर टिकेंद्र सिंह की मृत्यु पर एरेन्ड्रो ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था कि गोमूत्र गाय का गोबर, कोविड-19 का इलाज नहीं कर सकते।
Supreme Court orders immediate release of activist from Manipur, Erendro Leichombam who was detained under the National Security Act (NSA) for his alleged Facebook post on the death of state BJP chief, S Tikendra Singh who succumbed to #COVID19 pic.twitter.com/uOUae7ReoM
— ANI (@ANI) July 19, 2021विज्ञापन
गौरतलब है कि लीचोम्बम पर कोरोना काल में ही एक फेसबुक पोस्ट को लेकर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर भाजपा नेताओं की आलोचना की थी। इसके बाद उनके पिता ने सुप्रीम कोर्ट में इस कार्रवाई को चुनौती दी थी। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कार्यकर्ता के पिता की ओर से पेश वकील को सुनने के बाद कहा, 'हम इस व्यक्ति को एक दिन के लिए भी हिरासत में रखने की अनुमति नहीं दे सकते।'
इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से गुहार लगाई को याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की जाए, लेकिन पीठ ने स्पष्ट किया कि वह सोमवार को ही उसकी रिहाई का आदेश पारित करेगी। पीठ ने कहा, 'वह इसके लिए रात भर जेल में नहीं हो सकते।' पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'हमारा मानना है कि याचिकाकर्ता को लगातार हिरासत में रखना जीवन और स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन होगा। हम अंतरिम आदेश के जरिए उसकी रिहाई का निर्देश देते हैं।'
अदालत ने अपने रजिस्ट्रार को सोमवार शाम पांच बजे से पहले कार्यकर्ता की रिहाई के लिए मणिपुर सेंट्रल जेल को आदेश देने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि वह अगली सुनवाई पर मुआवजे के लिए दबाव डालेंगे। बता दें, 17 मई से एरेन्ड्रो हिरासत में हैं।