मणिपुर: हिंसा भड़काने की साजिश नाकाम, 22 उपद्रवी हथियारों के साथ गिरफ्तार
रविवार शाम करीब 7:30 बजे, एक कार को आते देखा। रोकने पर बदमाश कार से उतरे और कॉलोनी की गलियों में भागने का प्रयास किया। हालांकि तीनों बदमाशों को सैनिकों ने जमीन पर पकड़ लिया...
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हिंसाग्रस्त मणिपुर में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। जगह-जगह हथियार बंद उपद्रवी घरों को आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। सेना पर फायरिंग कर रहे हैं। सेना ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। सेना लगातार बैरीकेड्स लगाकर तलाशी अभियान चला रही है। सेना, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के जवान फंसे हुए लोगों को निकाल रहे हैं।
सेना सूत्रों के मुताबिक इंफाल पूर्वी जिले के पहाड़ी क्षेत्र में सनसाबी, ग्वालताबी और शबुनखोल खुनाओ में मकानों को उपद्रवियों ने आग लगाने की कोशिश की। इसकी जानकारी मिलने के बाद सेना ने धरपकड़ तेज कर दी है। सेना ने रविवार को कई मोबाइल वाहन चेक पोस्ट (एमवीसीपी) स्थापित किए हैं। सेना की टुकड़ियां इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इलाके में कार्रवाई के दौरान घरों को जलाने की कोशिश कर रहे बदमाशों ने सेना की टुकड़ियों पर स्वचालित हथियारों से गोलियां चलाईं।
ऑपरेशन के दौरान, सेना ने 22 बदमाशों को हथियारों और अन्य युद्ध जैसे सामानों के साथ गिरफ्तार किया। सेना ने पांच 12 बोर डबल बैरल राइफलें, तीन सिंगल बैरल राइफलें, डबल बोर वाला एक देशी हथियार और एक लोडेड हथियार बरामद किया गया। सेना की त्वरित कार्रवाई से कीमती जान का नुकसान और आगजनी की कई घटनाएं टल गईं। गिरफ्तार सभी बाईस उपद्रवियों को पकड़े गए हथियारों के साथ मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया।
ताजा हिंसा के बाद 2380 लोगों को सुरक्षित निकाला
रविवार को काकचिंग जिले के सुगनू और सेरौ गांवों में हिंसक झड़पों के बाद सेना ने लोगों को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है। पुलिस, राज्य प्रशासन और नागरिक समाज संगठनों के समन्वय में सेना और असम राइफल्स ने एक बड़े निकासी अभियान चलाकर करीब 2000 मैतेई लोगों को निकाला। ग्रामीणों को असम राइफल्स की सुरक्षा में रक्षा और निजी वाहनों में सेरौ से पंगलताबी राहत शिविर तक पहुंचाया गया। जबकि इस दौरान यूएवी द्वारा हवाई निगरानी की गई। सुरक्षित निकासी के लिए माइन प्रोटेक्टेड गाड़ियों का उपयोग किया गया। सेना के चिकित्सकों ने जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई गई।
इसी तरह, सुगनू से लगभग 328 कुकी ग्रामीणों को सुरक्षित रूप से साजिक तंपक पहुंचाया गया। सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना और असम राइफल्स लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेना ने मणिपुर के सभी नागरिकों राज्य में शांति स्थापित करने के लिए हिंसा छोड़ने की अपील की है।