Mangaluru Auto Blast: मेंगलुरु के ऑटो रिक्शा में फटा था कुकर बम, जांच NIA को सौंपने की तैयारी
एडीजीपी (कानून व्यवस्था) आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इनमें से दो मेंगलुरु में और एक शिवमोग्गा जिले में। दो मामलों में उसे यूएपीए केस में गिरफ्तार किया गया था और तीसरे केस में वह वांछित था।
विस्तार
कर्नाटक के मेंगलुरु में ऑटो रिक्शा में हुए विस्फोट की जांच एनआईए को सौंपी जाएगी। ऑटो में प्रेशर कुकर फटा था। धमाके में संदिग्ध आतंकी मोहम्मद शरीक व ऑटो रिक्शा चालक घायल हो गए थे। इसी तरह का धमाका पिछले माह तमिलनाडु के कोयंबटूर में कार में हुआ था। उसमें संदिग्ध आतंकी की मौत हो गई थी।
मामले में आरोपी मोहम्मद शरीक को मेंगलुरु के फादर मुलर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एडीजीपी (कानून व्यवस्था) आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इनमें से दो मेंगलुरु में और एक शिवमोग्गा जिले में। दो मामलों में उसे यूएपीए केस में गिरफ्तार किया गया था और तीसरे केस में वह वांछित था। शनिवार को मेंगलुरु में एक रिक्शा में कम तीव्रता का धमाका हुआ था। सूत्रों ने बताया कि यह मामला अब जांच के लिए एनआईए को सौंपा जा सकता है।
Mangaluru auto blast | Premises were searched and a lot of explosives material, matchboxes, nut bolts, circuits were found. We've come to know sources of it because some purchases were made online & some others offline. We're working on it: ADGP, Law & Order
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(Pics 2-4: Police) pic.twitter.com/SWZPhNMAVg — ANI (@ANI) November 21, 2022
धमाके में ऑटो चालक भी झुलसा
एडीजीपी ने बताया कि ऑटो में सवार यात्री के पास एक बैग था। बैग में कुकर बम था। इसमें विस्फोट हो गया, जिससे यात्री के साथ-साथ ऑटो चालक भी झुलस गया। ऑटो चालक पुरुषोत्तम पुजारी है और यात्री की पहचान मोहम्मद शरीक के रूप में हुई है। शरीक के परिसर की तलाशी में काफी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माचिस, नट बोल्ट, सर्किट मिले हैं। हमें इनके स्रोतों का पता चला है, क्योंकि कुछ खरीदारी ऑनलाइन और कुछ अन्य ऑफलाइन की गई थीं।
कर्नाटक के मंत्री ने कही यह बात
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कहा कि कुछ महीने पहले ऐसी ही एक घटना कोयम्बटूर में हुई थी। वहां भी मंदिर के पास विस्फोट करने की योजना बनाई गई थी। यह व्यक्ति शरिक (आरोपी) वहां गया और कोयम्बटूर में एक व्यक्ति से मिला। पुलिस ने पिछले 2 महीनों में उसकी गतिविधियों का पता लगाया। हर एंगल और पहलू की जांच की जा रही है। हम यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या उसका (मोहम्मद शरिक) अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों, प्रतिबंधित संगठनों या स्लीपर सेल से संबंध है, जो उस क्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं, क्योंकि हम केरल की सीमा से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलुरु विस्फोट का मामला आतंक और हिंसा का कायरतापूर्ण कृत्य है। कर्नाटक सरकार सभी एंगल से इसकी जांच कर रही है। इसमें शामिल व्यक्ति ऑटो में यात्रा कर रहा था। वह दिखावा कर रहा था कि वह हिंदू है और उसके पास आधार कार्ड है।
शरीक का हैंडलर अराफात अली था
शरीक का हैंडलर अराफात अली था। जो दो मामलों में आरोपी है। वह अल-हिंद मॉड्यूल मामले के आरोपी मुस्सविर हुसैन के संपर्क में था। अब्दुल मतीन ताहा आरोपियों में से एक था। हमारी जानकारी के अनुसार वह शरीक का मुख्य हैंडलर है। शरीक दो तीन अन्य संदिग्धों के भी संपर्क में था। उनकी पहचान की जा रही है।