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मेनका हमारे काम में हस्तक्षेप करती थीं, लेकिन पद छोड़ने का फैसला व्यक्तिगत : गुप्ता
Mon, 28 Jan 2019 09:05 PM IST
Avdhesh Kumar
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 28 Jan 2019 09:05 PM IST
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menka gandhi
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भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) के पूर्व अध्यक्ष एस पी गुप्ता ने सोमवार को कहा कि पद छोड़ने का उनका फैसला व्यक्तिगत है और इसका बोर्ड की कार्यप्रणाली में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के हस्तक्षेप से कुछ लेना-देना नहीं है।
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एडब्ल्यूबीआई का अध्यक्ष पद छोड़ने की पुष्टि करते हुए गुप्ता ने पीटीआई-भाषा को बताया कि यद्यपि गांधी बोर्ड की कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप कर रही थीं, उनके फैसले का इससे कुछ लेना-देना नहीं है क्योंकि वह हरियाणा में अपने पशु आश्रयस्थल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे।
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उन्होंने कहा मेनका गांधी हमारे काम में हस्तक्षेप कर रही थीं। हमने उनके खिलाफ सर्वसम्मत से एक प्रस्ताव भी पारित किया था। लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि मेरे फैसले के पीछे कारण वह हैं। यह मेरी व्यक्तिगत पसंद थी।
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गुप्ता ने कहा हरियाणा के मेवात में मेरी एक परियोजना है, जिस पर मुझे ध्यान देने की जरूरत है और मैं एडब्ल्यूबीआई से समय नहीं निकाल पा रहा था क्योंकि यह एक पूर्णकालिक नौकरी थी। सरकार में मौजूद सूत्रों ने हालांकि कहा कि उनके पद छोड़ने की वजह कथित तौर पर मेनका गांधी के साथ लंबे समय से चली आ रही खींचतान है।