फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mandsaur movement may spoil the Shivraj Singh's equation of next election

क्या मंदसौर आंदोलन बिगाड़ेगा शिवराज के समीकरण, पूर्व में फंसती रही हैं सरकारें ?

Fri, 09 Jun 2017 10:03 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Fri, 09 Jun 2017 10:03 AM IST
विज्ञापन
Mandsaur movement may spoil the Shivraj Singh's equation of next election
- फोटो : file photo

मध्यप्रदेश में किसानों का आंदोलन चरम पर है और इसका केंद्र बना है मंदसौर, जहां पिछले 48 घंटों में आधा दर्जन किसान पुलिस की गोलियों से अपनी जान गंवा चुके हैं।

विज्ञापन


प्रदेश सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी मंदसौर में किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते सरकार की सांसे अटकी हुई हैं। मंदसौर और मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में किसानों का यह आंदोलन प्रदेश सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार के गले की भी हड्डी बनता जा रहा है, सरकार नहीं चाहती की ये आग ज्यादा बढ़े जिसकी तपिश उसे 2018 में होने वाले विधानसभा चुनावों और उसके एक साल बाद होने वाले लोकसभा चुनावों में भुगतना पड़े। 
विज्ञापन


हालांकि मंदसौर में जिस तरह किसानों का बवाल बढ़ता जा रहा है और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को गर्माना शुरू कर दिया है उससे प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले व्यापमं, उसके बाद डंपर घोटाले और फिर कुछ दिन पहले ही हुए पीएससी घोटाले के चलते वह पहले से ही विरोधियों के निशाने पर हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


13 सालों के शासन में मुख्यमंत्री शिवराज ने अपनी छवि ईमानदार और जमीन से जुड़े नेता की बनाई जो आम जनता के दुखदर्द में खुद को शामिल करने से पीछे नहीं हटता था। इसका सीधा फायदा शिवराज को मिला भी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई, इसी के दम पर पिछले तीन चुनावों से शिवराज मध्यप्रदेश में एकतरफा जीत हासिल करते रहे हैं। लेकिन इस बार हालात पहले जैसे नहीं दिखाई देते। 

तेरह साल में पहली बार फंसते दिख रहे हैं सीएम शिवराज सिंह

Mandsaur movement may spoil the Shivraj Singh's equation of next election

तेरह साल के कार्यकाल में पहली बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इतनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। हजारों करोड़ रुपये के व्यापमं घोटाले में एक के बाद एक होती मौतों और उसके बाद मामला सीबीआई के पास पहुंचने से पहले ही शिवराज सिंह सरकार पर सवाल उठते रहे हैं।

जैसे तैसे व्यापमं घोटाले का बवाल शांत हुआ ही था कि भतीजे और पत्नी का नाम डंपर घोटाले में आने से शिवराज को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। इसमें शिवराज पर खनन व्यवसायियों की मदद करने का आरोप भी झेलना पड़ा। 

हालांकि शिवराज इसे विरोधियों की साजिश कहकर आरोपों से बचते रहे। रही सही कसर अब मंदसौर में आंदोलन करते किसानों पर फायरिंग ने पूरी कर दी। किसान आंदोलन का अपना अलग इतिहास रहा है और उसी इतिहास की एक हकीकत ये भी है कि किसानों पर हुई ज्यादती सरकारों को हमेशा भारी पड़ती रही है। यूपी के भट्टा पारसौल का किसान आंदोलन काफी चर्चित रहा था। 

इस आंदोलन में अपनी जमीन के मुआवजे के लिए प्रदर्शन करते किसानों पर पुलिस फायरिंग का खामियाजा यूपी की मायावती सरकार को सत्ता से बेदखल होकर भुगतना पड़ा था। 

किसान आंदोलन में विफलता से चली गई थी माया मुलायम की सरकार

Mandsaur movement may spoil the Shivraj Singh's equation of next election

ऐसी ही गलती उनसे पूर्ववती मुलायम सिंह की सरकार ने की थी जब खुर्जा में रिलायंस पावर प्रोजक्ट के लिए जबरन किसानों की जमीनें छीन ली गई थी नतीजा वही, मुलायम सिंह अगले चुनाव में सत्ता से बाहर हो गए। 

जानकार बताते हैं कि मध्यप्रदेश में किसानों का आंदोलन लंबे समय बाद इतना मुखर हुआ है। इससे पहले साल 1996 में दि‌ग्विजय‌ सिंह की सरकार में बेतुल जिले के मुलताई में किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जबरदस्त आंदोलन हुआ था जिसमें पुलिस फायरिंग में 19 किसानों की जान चली गई थी। लंबे समय तक किसानों की हत्या का दाग दिग्विजय सिंह की सरकार के साथ जुड़ा रहा था। 

19 साल बाद एक बार फिर मंदसौर में वही घटना दोहराई गई तो विपक्षियों को भी जैसे बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया। मंदसौर मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी आज मंदसौर पहुंच गए। 

वहीं जेडीयू नेता शरद यादव भी मंदसौर पहुंचने की तैयारी हैं। ऐसे में शिवराज सिंह के लिए दोहरी मुसीबत है उन्हें आक्रोशित किसानों के साथ विपक्ष के हमलों से भी जूझना होगा। देखना दिलचस्प होगा कि वह इस भंवर से किस तरह निकल पाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed