फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed

बंद के दौरान देवास सहित 6 जिलों में फैली हिंसा, राहुल मंदसौर के लिए हुए रवाना

Thu, 08 Jun 2017 07:58 AM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर Updated Thu, 08 Jun 2017 07:58 AM IST
विज्ञापन
Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed
देवास में कई गाड़ियों में लगाई आग
मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान हो रही हिंसा दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार को मंदसौर में पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई। 1 जून को किसानों ने अपनी फसल की अच्छी कीमत के लिए एक दिवसीय प्रदर्शन आयोजित किया। 3 दिन बाद यानी 4 जून को सीहोर, इंदौर और भोपाल में किसानो और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि बृहस्पतिवार को मंदसौर जाएंगे। उनके साथ जेडीयू के नेता शरद यादव के जाने की भी खबर है।
विज्ञापन


भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद विरोध प्रदर्शन खत्म करने की घोषणा की। लेकिन दो अन्य किसान संगठनों ने ऐसा करने से मना कर दिया।
विज्ञापन


5 जून को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कुछ लोगों पर किसानों को भड़काने का आरोप लगाया। साथ ही किसानों की फसल खरीदने के लिए एक हजार करोड़ रुपए के कोष के गठन की घोषणा की। इंदौर में किसानों की वाहन रैली को शहर के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया। पुलिस पर आरोप लगा कि उसने प्रदर्शनकारी किसानों पर गोलियां चलाईं, जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई। इससे विरोध और तेज हो गया। प्रदेश में बंद का आह्वान किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि वो मंदसौर जाकर किसानों से मिलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस के कई जवान जान बचाने के लिए भागकर पिपलिया मंडी थाने लौट गए। थाने के बाहर सैंकड़ों जवान और किसान आमने-सामने हो गए। जिले में फिलहाल कर्फ्यू लगा हुआ है।

कैसेे शुरू हुआ आंदोलन

Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed
मंदसौर हिंसा
महाराष्ट्र से शुरुआत हुई आंदोलन की आग
कर्जा माफी और दूध की दाम बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र में 1 जून से आंदोलन शुरू हुआ। वहां अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह मध्यप्रदेश के किसानों में भी कर्ज माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य, दूध की कीमत और जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे को लेकर आंदोलन शुरू किया। शनिवार तक इस आंदोलन ने हिंसक रूप धारण कर लिया।

कैसे बढ़ा मंदसौर में तनाव
मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे सैंकड़ो किसान मंदसौर और पिपलियामंडी के बीच सड़कों पर उतर आए। पहले चक्का जाम की कोशिश की गई मगर पुसिल की सख्ती के बाद किसानों ने पथराव शुरू कर दिया। किसानों के बीच घिरी पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। किसानों का आरोप है कि सीआरपीएफ और पुलिस ने बिना वॉर्निंग दिए फायरिंग शुरू कर दी। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई।

कलेक्टर को मारा चांटा, फाड़े कपड़े

Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed
मंदसौर हिंसा
क्लेक्टर के कपड़े फाड़ दिए
मंदसौर जिले के बरखेड़ा पंत में फायरिंग में मारे गए एक स्टू़डेंट का शव रोड पर रखकर किसानों का चक्का जाम जारी थी। किसानों ने मांग की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद आएं और फायरिंग करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने का वादा करें। इस मामले को ठंडा करने के लिए एसपी ओपी त्रिपाठी और कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह बरखेड़ा पंत पहुंचे थे।

इसके बाद एक किसान ने कलेक्टर को पीछे से सिर पर चांटा मारा। लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की और उनके कपड़े फाड़ दिए। हालांकि, बाद में छात्र के परिजन उसका अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। कलेक्टर ने मृतक छात्र अभिषेक के परिजनों को उसका स्मारक बनाने का आश्वासन दिया है।

कहां-कहां लगा है कर्फ्यू

Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed
मंदसौर हिंसा
इन जगहों पर लगा है कर्फ्यू
मंदसौर, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़ और मल्हारगढ़ में कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके अलावा दलोदा और सुमात्रा में भी धारा 144 लगाई गई है। मंदसौर में सभी मोबाइल सेवा भी निलंबित कर दी गई है। इंदौर में मंगलवार को शांति रही, लेकिन बुधवार को पड़ोसी जिले देवास के हाट पिपलिया में आंदोलनकारियों ने थाने के अंदर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी।

बुधवार को राहुल गांधी के मंदसौर पहुंचने की खबर थी, मगर वो नहीं पहुंचे। खबर है कि वो 1-2 दिनों में मंदसौर में आ सकते हैं। इसके अलावा गृहमंत्रालय ने सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ और आरएएफ की 6 कंपनियां भी रवाना कर दी हैं।

घिरी शिवराज सरकार, विपक्ष मांगे इस्तीफा

Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed
दिग्विजय सिंह - फोटो : PTI
मिला-जुला रहा कांग्रेस का बंद
दिग्विजय सिंह ने कहा था कि बुधवार को मध्य प्रदेश में बंद रहेगा। इसके लिए उन्होंने लोगों से भी मदद मांगी। बंद का असर सबसे ज्यादा इंदौर, धार और मंदसौर जिले में दिखा। उज्जैन में भी ज्यादातर मार्केट बंद रहे। जो बाजार खुले थे, उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरन बंद करवा दिया। सीहोर में बंद का मिला-जुला असर रहा।

'एकजुट' होकर विपक्ष ने मांगा सीएम का इस्तीफा
विपक्षी दलों ने शिवराज सिंह चौहान को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। जेडीयू नेता शरद यादव ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वो एक साथ मंदसौर जाने की योजना बना रहे हैं। इस तरह का आंदोलन पहले नहीं देखा। मध्य प्रदेश सरकार 6 मौतों का आंकड़ा दे रही है, लेकिन यकीनन ज्यादा मौतें हुई हैं।

कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। वे अपनी जिम्मेदारी किसी पुलिस अफसर पर नहीं मढ़ सकते। मंदसौर में लाशों पर बोलियां लगाई जा रही हैं। 5 लाख, 10 लाख, 1 करोड़ (मुआवजे) की बात की जा रही है। ये शर्मनाक है। एमपी के होम मिनिस्टर भूपेंद्र सिंह का एक बयान मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। 

घाटे में जा रही है शिवराज सरकार

Mandsaur Cut off From Bhopal After Voilence, 6 Companies of CRPF and RAF Deputed
राहु, अखिलेश, शिवराज
क्या कह रही है शिवराज सरकार
सीएम ने बुधवार को मीडिया में विज्ञापन जारी कर किसानों से अपील की। सीएम ने कहा कि किसानों से हुई चर्चा के आधार पर उनकी मांगे मंजूर कर ली गईं है। उन्होंने किसानों को असामाजिक तत्वों से सावधान रहने के लिए कहा। 

वहीं किसानों की मांग है कि उन्हें जमीन के बदले मुआवजे के लिए कोर्ट जाने का आधिार दे। साथ ही फसल पर आए खर्च पर खर्च का डेढ़ गुना दाम, दूध खरीदी का मूल्य बढ़ाना और कर्ज माफी भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं। सीएम चौहान ने दो दिन की चर्चा के बाद किसानों पर केस खत्म करने, जमीन मामले में किसान विरोधी प्रावधानों को हटाने, फसल बीमा को ऑप्शनल बनाने, मंडी में किसानों को 50% कैश पेमेंट और 50% आरटीजीएस से देने का एलान किया था।

मध्य प्रदेश सरकार किसानों से आठ रुपए प्रति किलो प्याज खरीद कर उसे खुले बाजार में दो रुपए प्रति किलो बेचेगी। यह कम से कम 10 किलो के बैग में मिलेगा। साफ है कि इस बार फिर सरकार को प्याज की खरीदी में बड़ा नुकसान होगा। स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट मिलाकर सरकार को प्याज 14 रुपए प्रति किलो की पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed