यूपी में बड़े जनादेश ने बढ़ाई भाजपा की चुनौती, CM को लेकर चौंका सकते हैं पीएम
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विशाल जनादेश मिलने से भाजपा के लिए सूबे का मुख्यमंत्री तय करना चुनौती बन गया है। मुख्यमंत्री अगड़ी जाति से हों या गैरयादव पिछड़ी जाति से, इस पर शीर्ष स्तरीय मंथन जारी है। बड़ा जनादेश संभालने के लिए किसी कद्दावर और अनुभवी नेता को कमान देने पर विचार हो रहा है। लेकिन पार्टी यदि अगड़ी जाति को कमान देने का मन बनाती है तो उसके लिए 35 फीसदी गैरयादव पिछड़ी जाति बड़ी चिंता होगी जिसने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दिलाई है।
मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा, इस पर मंगलवार को भी अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका। पर्यवेक्षक बनाए गए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव बुधवार को लखनऊ पहुंचकर बृहस्पतिवार को विधायक दल की बैठक बुला सकते हैं। हालांकि इस बैठक के तत्काल बाद भी विधायक दल के नेता की घोषणा के आसार नहीं हैं।
पार्टी संगठन से जुड़े एक शीर्ष नेता के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सांसदों के बाद अब अधिकांश विधायक भी भाजपा के हैं। इतने बड़े सूबे के इतने बड़े जनादेश को संभालना एक बड़ी चुनौती है। गोवा जैसे छोटे राज्य में मनोहर परिकर को हटाकर लक्ष्मीकांत पार्सेकर को मुख्यमंत्री बनाने का नुकसान पार्टी झेल चुकी है। लिहाजा पार्टी नेतृत्व ने गैरयादव पिछड़ी जाति और अगड़ी जाति के अनुभवी दावेदार को कमान देने का दोनों विकल्प खुला रखा है।
चौंका सकते हैं पीएम मोदी
मंथन इस बात पर हो रहा है कि अगड़ी जाति को अगर कमान दी गई तो गैरयादव पिछड़ी जाति सकारात्मक सियासी संदेश का फार्मूला क्या हो। इसके उलट अगर कमान पिछड़ी जाति को सौंपी गई तो हालात संभाले रखने का फार्मूला क्या हो। गौरतलब है कि इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की गृह मंत्री राजनाथ सिंह और संघ की ओर से भाजपा के प्रभारी कृष्ण गोपाल के साथ लंबी बैठक हो चुकी है। शाह बुधवार को भी इस सिलसिले में बैठकों का दौर जारी रखेंगे।
मुख्यमंत्री की कमान सौंपने के मामले में हमेशा अपने फैसले से चौंकाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी इस बार भी चौंका सकते हैं। रविवार को आयोजित सम्मान समारोह में पीएम मोदी की इस टिप्पणी पर गंभीर चर्चा हो रही है, जिसमें उन्होंने इस चुनाव में ऐसे चेहरों के जीत कर आने की चर्चा की थी जिसे कभी टीवी और अखबार में जगह नहीं मिली।
किस-किस के नाम की है चर्चा
इस दौरान पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि चाहे अनुभव की कमी हो, मगर सभी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सेवा करेंगे। इससे यह संकेत गया है कि पीएम मोदी लाइमलाइट से दूर रहने वाले चेहरे को सामने लाकर सबको चौंका सकते हैं। पीएम मोदी महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस, हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर और झारखंड में रघुवर दास के नाम पर मुहर लगा कर पहले ही चौंका चुके हैं।
मुख्यमंत्री पद की दौर में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य, महेश शर्मा, विधायक सतीश महाना, स्वतंत्र देव सिंह के नाम की चर्चा है।
दावेदारों के साथ संसद में लगी रही भीड़
संसद में सीएम पद के दावेदारों के पास सांसदों की भीड़ देखी गई। मौर्य, राजनाथ, सिन्हा, योगी को सांसदों की भीड़ लगातार घेरे रही। एक दावेदार को जब कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने अग्रिम बधाई दी तो उन्होंने हाथ जोड़कर केंद्र में ही सेवा करने की बात कही।